pharmaceutical companiespharmaceutical companies
Share This Article

रायपुर, 29 अक्टूबर 2026/ ETrendingIndia / दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने दवा कंपनियों के नियम सख्त कर दिए हैं। अब कच्चे माल से लेकर तैयार दवाओं के प्रत्येक बैच की जांच अनिवार्य होगी।

केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के औषधि नियामकों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा है।

हर बैच की जांच जरूरी

भारत के औषध महानियंत्रक (DCGI) राजीव रघुवंशी ने 27 अक्टूबर को जारी नोटिस में स्पष्ट किया कि दवा निर्माता कंपनियों को कच्चे माल के हर बैच की जांच करनी होगी।

इसके लिए कंपनी की अपनी प्रयोगशाला या अधिकृत प्रयोगशाला का उपयोग किया जा सकता है। जांच का रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य होगा।

भरोसेमंद विक्रेताओं से ही खरीद

नियामकों को निर्देश दिया गया है कि कंपनियां कच्चा माल और अन्य सामग्री केवल योग्य एवं स्वीकृत विक्रेताओं से खरीदें। प्रोपलीन ग्लाइकोल, ग्लिसरीन और सोर्बिटोल जैसे सहायक पदार्थों की गुणवत्ता जांच पर विशेष जोर दिया गया है।

जहरीले कफ सिरप मामले के बाद सख्ती

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौतों के मामले के बाद दवा निर्माण की गुणवत्ता जांच पर सवाल उठे थे। निरीक्षण में पाया गया कि कुछ कंपनियां इस्तेमाल से पहले सहायक पदार्थों के प्रत्येक बैच की जांच नहीं कर रही थीं। नए निर्देशों का उद्देश्य दवाओं की सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना है।


Share This Article