Share This Article काठमांडू, 31 अक्टूबर 2026। Nepal 8000 Meter Peaks : दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के लिए मशहूर नेपाल अब अपनी पर्वतीय पहचान को और मजबूत करने की तैयारी में है। नेपाल ने 8,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली छह नई पर्वत चोटियों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने के लिए औपचारिक प्रस्ताव पेश किया है। यदि अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समुदाय से मंजूरी मिल जाती है, तो नेपाल में ऐसी मान्यता प्राप्त चोटियों की संख्या आठ से बढ़कर 14 हो जाएगी। इसके साथ ही दुनिया में 8,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले मान्यता प्राप्त पर्वतों की कुल संख्या 20 पहुंच जाएगी। अंतरराष्ट्रीय मंच पर नेपाल ने रखा प्रस्ताव काठमांडू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण एवं पर्वतारोहण संघ (UIAA) की दो दिवसीय आमसभा के उद्घाटन सत्र में नेपाल ने यह प्रस्ताव रखा। बैठक में 45 देशों के 95 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। नेपाल इससे पहले 1982 और 2011 में भी UIAA की आमसभा की मेजबानी कर चुका है। नेपाल पर्वतारोहण संघ (NMA) के अध्यक्ष फुर्बा ग्याल्जे शेर्पा ने सभा में प्रस्तावित छह चोटियों का विवरण प्रस्तुत किया। इसके साथ ही एक अध्ययन रिपोर्ट भी रखी गई, जिसमें इन चोटियों को स्वतंत्र 8,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पर्वतों के रूप में मान्यता देने के वैज्ञानिक और भौगोलिक आधार बताए गए हैं। ये हैं नेपाल की छह नई प्रस्तावित पर्वत चोटियां नेपाल ने जिन छह चोटियों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने का प्रस्ताव दिया है, उनकी ऊंचाई इस प्रकार है: पर्वत चोटीऊंचाईयालुंग कांग8,505 मीटरकंचनजंघा साउथ8,476 मीटरकंचनजंघा सेंट्रल8,473 मीटरल्होत्से मिडिल8,410 मीटरल्होत्से शार8,400 मीटरयालुंग कांग वेस्ट8,077 मीटर अलग पहचान और पर्वतारोहण मार्ग के आधार पर दावा नेपाल पर्वतारोहण संघ के अध्यक्ष के अनुसार, इन चोटियों की पहचान और ऊंचाई का अध्ययन करने के लिए विशेष दल गठित किया गया था। अध्ययन दल ने प्रत्येक चोटी की अलग भौगोलिक पहचान, स्वतंत्र शिखर और अलग पर्वतारोहण मार्ग होने से जुड़े प्रमाण जुटाए हैं। इसी अध्ययन के आधार पर नेपाल का तर्क है कि इन चोटियों को अलग-अलग पर्वत के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए। प्रस्ताव पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विचार और मान्यता मिलने के बाद ही इनकी आधिकारिक स्थिति तय होगी। 14 चोटियों के साथ नेपाल बनेगा दुनिया का प्रमुख पर्वतीय केंद्र नेपाल के संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्री खड्गराज पौडेल ने उद्घाटन समारोह में कहा कि दुनिया के 8,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले 20 पर्वतों में से 14 का नेपाल में होना बड़ी उपलब्धि होगी। उनके मुताबिक, इससे नेपाल की पहचान दुनिया के प्रमुख पर्वतीय केंद्र के रूप में और मजबूत होगी। साथ ही पर्वतारोहण, साहसिक पर्यटन, वैज्ञानिक अनुसंधान, पर्वतीय अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर विकसित हो सकते हैं। मंत्री पौडेल ने सोशल मीडिया पर भी इस पहल को नेपाल की हिमालयी भौगोलिक पहचान, प्राकृतिक विरासत और पर्वतीय विशिष्टता को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखने का प्रयास बताया। Share This Article Post navigation Halloween 2026 : आखिर 31 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए भूतिया वेशभूषा, कद्दू की लालटेन और ‘ट्रिक ऑर ट्रीट’ की दिलचस्प कहानी Durg Crime : फर्श के नीचे गाड़ रखे थे चोरी के गहने और नकदी, ज्वेलर्स ने भट्ठी में गलाए आभूषण…9 गिरफ्तार