Share This Article 2 नवंबर 2026 / ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ सरकार के पंजीयन शुल्क में कटौती के फैसले का बड़ा असर सामने आया है। वसीयत, पारिवारिक बंटवारा, हक त्याग और गिफ्ट डीड का पंजीयन शुल्क 0.8 प्रतिशत से घटाकर महज 500 रुपए करने से ऐसी रजिस्ट्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जनवरी 2025 से 12 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश में 37,842 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ। इससे सरकार को करीब 43.70 करोड़ रुपए का राजस्व भी मिला है। एक करोड़ की संपत्ति पर 79,500 रुपए की बचत पहले एक करोड़ रुपए की संपत्ति के पंजीयन पर 80 हजार रुपए शुल्क देना पड़ता था। अब पात्र दस्तावेजों के लिए केवल 500 रुपए देने होते हैं। इससे लोगों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। रायपुर में सबसे ज्यादा पंजीयन जिलों में रायपुर 5,324 पंजीयन के साथ पहले स्थान पर है। दुर्ग में 4,079 और राजनांदगांव में 3,263 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ। अन्य जिलों में भी लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है। लोगों को मिल रहा सीधा फायदा रायपुर के हितग्राही ने बताया कि पिता से मकान गिफ्ट मिलने पर पहले 73,632 रुपए शुल्क देना पड़ता, जबकि नई व्यवस्था में केवल 500 रुपए खर्च हुए। इससे उन्हें 73,132 रुपए की बचत हुई। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के महानिरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार मीणा के अनुसार, शुल्क घटने से सभी जिलों में ऐसे पंजीयन बढ़े हैं। Share This Article Post navigation Avanti Vihar Raipur : सड़क किनारे कचरा फेंकना पड़ा महंगा… नगर निगम ने ठेकेदार पर लगाया 2 हजार का जुर्माना पटवारियों को हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का अल्टीमेटम