Share This Article रायपुर / 03 नवंबर 2026 / ETrendingIndia / भारत में मक्का उत्पादन को नई ऊंचाई देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए अगले दशक में उत्पादन 5.5 करोड़ टन से बढ़ाकर 7.5 करोड़ टन करने का लक्ष्य रखा गया है। हैदराबाद में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन में वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों ने उन्नत बीज, नई तकनीक, बेहतर फसल प्रबंधन और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने की रणनीति पर चर्चा की। सम्मेलन में किसानों को अनुसंधान और कृषि विकास के केंद्र में रखने पर विशेष जोर दिया गया। अगले दशक में उत्पादन 2 करोड़ टन बढ़ाने की तैयारी कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने बताया कि भारत में मक्का उत्पादन लगभग 5.5 करोड़ टन पहुंच चुका है। उन्होंने तकनीकी नवाचार और संसाधनों के बेहतर उपयोग से उत्पादकता डेढ़ गुना बढ़ाने का आह्वान किया। 4F से 5F की नई अवधारणा डॉ. जाट ने भोजन, पशु आहार, चारा और ईंधन की पारंपरिक 4F अवधारणा में किसान को जोड़कर 5F बनाने की बात कही। उनका कहना था कि कृषि अनुसंधान का वास्तविक लाभ किसानों की आमदनी और आजीविका में दिखाई देना चाहिए। 329 नई हाइब्रिड किस्मों का विकास आईसीएआर के उप महानिदेशक डॉ. डी.के. यादव के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में मक्के की 329 हाइब्रिड किस्में विकसित की गई हैं। उन्होंने बेहतर पोषण गुणवत्ता, मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से लड़ने वाली किस्मों और सार्वजनिक क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया। 4 नवंबर तक चलेगा सम्मेलन 2 से 4 नवंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में मक्के से इथेनॉल उत्पादन, मशीनीकरण, सुरक्षित भंडारण और मजबूत बाजार व्यवस्था पर भी चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों ने मक्का उत्पादन बढ़ाते समय दलहन और तिलहन की खेती को सुरक्षित रखने की जरूरत बताई। Share This Article Post navigation PM Kisan 24th Kist : आज किसानों के खाते में आएंगे ₹2,000, 9.34 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा फायदा