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रायपुर, 2 नवंबर 2026। CG News : छत्तीसगढ़ के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर कर्मचारी संगठन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मांग की है कि प्रदेश में केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (DR) लागू की जाए। संगठन ने इसके लिए ‘एक राज्य, एक समान DA’ की व्यवस्था बनाने की मांग उठाई है। साथ ही दीपावली से पहले लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स सहित भुगतान नहीं होने पर प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

केंद्र के समान तारीख से DA देने की मांग

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को विस्तृत मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया है। फेडरेशन की प्रमुख मांग है कि केंद्र सरकार जब भी महंगाई भत्ते की नई दर घोषित करे, छत्तीसगढ़ सरकार भी उसी देय तिथि से कर्मचारियों और पेंशनरों को इसका लाभ दे।

फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी विकास कार्यों और सुशासन की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद महंगाई भत्ते के मामले में केंद्र के समान देय तिथि से लाभ नहीं मिलना कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ न्यायसंगत नहीं है।

जुलाई 2026 से लंबित 3 प्रतिशत DA देने की मांग

फेडरेशन ने दीपावली से पहले जुलाई 2026 से लंबित 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत करने की मांग की है। इसके अलावा वर्तमान में स्वीकृत 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते के आदेश में संशोधन कर जनवरी 2026 से इसका लाभ देने की मांग भी उठाई गई है।

संगठन का कहना है कि लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स की पूरी राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जानी चाहिए। फेडरेशन ने मध्यप्रदेश सरकार की व्यवस्था का उदाहरण देते हुए छत्तीसगढ़ में भी वास्तविक देय तिथि से महंगाई भत्ते का भुगतान करने की मांग की है।

‘महंगाई भत्ता सरकार की कृपा नहीं, कर्मचारियों का अधिकार’

कमल वर्मा ने कहा कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों के वेतन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, न कि शासन की ओर से दिया जाने वाला कोई अनुदान या कृपा। महंगाई का प्रभाव पूरे देश में पड़ता है, इसलिए अलग-अलग राज्यों में भुगतान की अलग-अलग तारीखें रखना उचित नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र में मोदी की गारंटी के माध्यम से कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ी थीं। सरकार के लगभग तीन वर्ष पूरे होने की ओर बढ़ने के बावजूद केंद्र के समान देय तिथि से DA देने की स्थायी नीति नहीं बनने से कर्मचारियों में असंतोष है।

दीपावली से पहले भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन

फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि दीपावली से पहले मध्यप्रदेश की तर्ज पर लंबित महंगाई भत्ते का एरियर्स सहित भुगतान नहीं किया गया, तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों की अनदेखी होने पर कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार से दीपावली के अवसर पर लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत देने वाला निर्णय लेने की उम्मीद जताई है।

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने किया मांगों का समर्थन

फेडरेशन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कमल वर्मा, चंद्रशेखर तिवारी, पवन कुमार शर्मा, बी.पी. शर्मा, रोहित तिवारी, राजेश चटर्जी, पंकज पाण्डेय, संजय सिंह, आर.के. रिछारिया, सतीश मिश्रा, जी.आर. चंद्रा, केदार जैन, रविन्द्र राठौर, कैलाश चौहान, रमेश ठाकुर सहित अनेक पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों के समर्थन का उल्लेख किया गया है।


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