Share This Article वाशिंगटन/तेहरान, 03 नवंबर 2026। US-Iran Tension : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच फारस की खाड़ी से बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर सीमित हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों को रक्षात्मक कार्रवाई बताया है। इससे पहले ईरानी सरकारी मीडिया ने द्वीप पर एक के बाद एक पांच धमाकों की खबर दी थी। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने वाले हैं। केश्म द्वीप पर अमेरिकी सेना की सीमित कार्रवाई अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने केश्म द्वीप पर सीमित सैन्य हमले किए। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए ईरान की ओर से सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के इस्तेमाल के जवाब में की गई। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह हमला बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने का संकेत नहीं है। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। पांच धमाकों से दहला केश्म द्वीप ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, केश्म द्वीप पर पांच धमाकों की आवाज सुनी गई। आसपास के क्षेत्र बंदर लेंगेह में भी धमाकों की खबरें सामने आईं। स्थानीय लोगों ने द्वीप के ऊपर विमानों को देखने की बात कही। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में धमाकों से हुए नुकसान, संभावित हताहतों और प्रभावित सैन्य ठिकानों की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई थी। ईरान का दावा- अमेरिकी ड्रोन मार गिराए इस घटनाक्रम के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली ने अमेरिकी ड्रोन को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया में दो MQM-170 टोही ड्रोन गिराए जाने और एक MQ-9 ड्रोन को नष्ट करने के दावे भी सामने आए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ABC News की रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने दो RQ-170 ड्रोन गिराए जाने के ईरानी दावे को गलत बताया है। इसलिए ड्रोन गिराए जाने की खबर को फिलहाल ईरान के दावे के रूप में ही देखा जा रहा है। <Cite refs={[“turn536091search6″,”turn536091search10″,”turn536091search12”]}/> होर्मुज जलडमरूमध्य के कारण अहम है केश्म द्वीप केश्म द्वीप फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है। यह समुद्री व्यापार और तेल परिवहन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां किसी भी सैन्य कार्रवाई का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री आवाजाही पर पड़ सकता है। मिडटर्म चुनाव से पहले बढ़ा तनाव अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से ठीक पहले हुई इस सैन्य कार्रवाई ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव को फिर चर्चा में ला दिया है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे सीमित रक्षात्मक कार्रवाई बताया है, जबकि ईरानी पक्ष की ओर से ड्रोन गिराने के दावे किए गए हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच सैन्य घटनाक्रम पर दुनिया की नजर बनी हुई है। Share This Article Post navigation 34 साल बाद चिड़ियाघर में कैसोवरी ने दिए हरे अंडे…! नर करेगा बच्चों की परवरिश