Bastar Olympics 2026Bastar Olympics 2026
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रायपुर, 7 नवंबर 2026। Bastar Olympics 2026 : बस्तर संभाग में खेलों को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है। लगातार तीसरे वर्ष आयोजित होने जा रहे बस्तर ओलंपिक 2026 में इस बार छह लाख से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। खास बात यह है कि खेल के मैदान में उतरने के लिए बस्तर की बेटियां और महिलाएं पुरुषों से आगे हैं। कुल 6 लाख 492 पंजीकृत खिलाड़ियों में 3 लाख 83 हजार 94 महिलाएं और 2 लाख 18 हजार 398 पुरुष शामिल हैं।

महिला खिलाड़ियों ने पंजीयन में पुरुषों को छोड़ा पीछे

बस्तर संभाग के सातों जिलों से खिलाड़ियों ने बड़ी संख्या में पंजीयन कराया है। आंकड़ों के मुताबिक, महिला खिलाड़ियों की संख्या पुरुषों से 1 लाख 63 हजार 696 अधिक है। जिलावार पंजीयन में कांकेर सबसे आगे है, जहां 1 लाख 23 हजार 216 खिलाड़ियों ने अपना नाम दर्ज कराया है।

जिलावार पंजीयन की स्थिति:

  • कांकेर: 1,23,216
  • बस्तर: 1,04,841
  • कोंडागांव: 85,584
  • सुकमा: 80,313
  • दंतेवाड़ा: 80,175
  • नारायणपुर: 63,506
  • बीजापुर: 62,857

तीन स्तरों पर होंगी प्रतियोगिताएं

बस्तर ओलंपिक में खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तीन स्तरों पर अवसर मिलेगा। विकासखंड स्तर के विजेता जिला स्तरीय मुकाबलों में हिस्सा लेंगे और जिला स्तर पर जीतने वाले खिलाड़ी संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में पहुंचेंगे।

प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है:

  • विकासखंड स्तर: 4 से 6 नवंबर
  • जिला स्तर: 16 से 25 नवंबर
  • संभाग स्तर: 7 से 11 दिसंबर

प्रत्येक जिले से 410 विजेता खिलाड़ी संभाग स्तरीय आयोजन में प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं हॉकी और वेटलिफ्टिंग के मुकाबले सीधे जिला स्तर पर आयोजित किए जाएंगे।

11 खेलों में दिखेगा खिलाड़ियों का दम

बस्तर ओलंपिक में कुल 11 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। इनमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साकशी शामिल हैं।

प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग के तहत 14 से 17 वर्ष के बालक-बालिकाएं हिस्सा लेंगे। वहीं सीनियर वर्ग में महिला और पुरुष खिलाड़ियों के लिए आयु की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।

आत्मसमर्पित नक्सलियों और दिव्यांग खिलाड़ियों को भी मौका

इस बार बस्तर ओलंपिक में नक्सल हिंसा के कारण दिव्यांग हुए खिलाड़ियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों की भागीदारी के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। ऐसे प्रतिभागियों को विकासखंड और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल हुए बिना सीधे संभाग स्तरीय आयोजन में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा।

अरुण साव बोले- खेल प्रतिभाओं को पहचानने का बड़ा मंच

उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने रिकॉर्ड पंजीयन पर बस्तरवासियों के उत्साह की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पिछले दो आयोजनों ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी रचनात्मक एवं खेल प्रतिभा को पहचानकर उन्हें खिलाड़ी के रूप में तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने खेल प्रेमियों, अभिभावकों और नागरिकों से मैदानों में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने की अपील की है।


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