कोरिया पीनट बटर हनी
कोरिया पीनट बटर हनी
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रायपुर , 08 अक्टूबर 2025/ ETrendingIndia / The Governor of Korea released a peanut butter honey-flavored product, calling it praiseworthy / कोरिया पीनट बटर हनी , छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले ने एक बार फिर नवाचार की मिसाल पेश की है। कृषि विज्ञान केंद्र और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से तैयार किया गया ‘पीनट बटर-हनी फ्लेवर्ड’ उत्पाद का कलेक्ट्रेट सभाकक्ष, बैकुंठपुर में राज्यपाल श्री रमेन डेका के करकमलों से विमोचन हुआ।

राज्यपाल ने उत्पाद की गुणवत्ता, स्वाद और पैकेजिंग की सराहना करते हुए कहा कि यह उत्पाद कोरिया जिले की सृजनात्मक सोच और कृषि नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है। शक्कर की जगह शहद का उपयोग इस पीनट बटर को और भी पौष्टिक व स्वास्थ्यवर्धक बनाता है। कोरिया जैसे सुदूर अंचल से इस तरह की पहल का आरंभ सचमुच सराहनीय है।

राज्यपाल ने याद किया कि उन्होंने पिछले कोरिया प्रवास के दौरान ‘सोनहनी’ शहद उत्पाद का भी शुभारंभ किया था। उन्होंने कहा कि यह उत्पाद भी’सोनहनी’ की तरह किसानों के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम है।

राज्यपाल ने कहा कि इस पहल से किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलेगा और स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

राज्यपाल ने कहा कि प्रोटीन वर्ल्ड की इस दुनिया में कोरिया का ‘पीनट बटर’ एक नायाब शुरुआत है। यह उत्पाद न केवल स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को भी सशक्त करता है।

कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने कहा कि इसका उद्देश्य किसानों को वैल्यू एडिशन के माध्यम से अधिक आमदनी दिलाना और स्थानीय संसाधनों से स्वदेशी स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद तैयार करना है।

श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कोरिया की मिट्टी में मेहनत और नवाचार दोनों हैं। अब किसान केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि प्रसंस्करण और विपणन के माध्यम से भी आत्मनिर्भर बनेंगे।

कृषि विज्ञान केन्द्र, बैकुंठपुर के वैज्ञानिक श्री कमलेश सिंह ने बताया कि यह पिन्ट्स बटर शत प्रतिशत प्राकृतिक मूंगफली और शुद्ध शहद से तैयार किया गया है। इसमें कोई कृत्रिम रंग, फ्लेवर या प्रिज़र्वेटिव नहीं मिलाया गया है। 125 ग्राम की आकर्षक पैकिंग में उपलब्ध यह उत्पाद पूरी तरह स्वदेशी और स्वास्थ्यवर्धक है।

जिले में पिछले वर्ष लगभग 933 हेक्टेयर में मूंगफली की फसल बोई गई थी, जबकि इस वर्ष यह क्षेत्रफल बढ़कर 1500 हेक्टेयर से अधिक हो गया है, जिसमें करीब 4000 किसानों ने भागीदारी की है। जिले के 120 किसानों को 60 हेक्टेयर के उन्नत किस्म के मूंगफली बीज दिए हैं।

यह उत्पाद किनके लिए अधिक फायदेमंद

प्रोटीन और हेल्दी फैट मसल ग्रोथ व रिकवरी में सहायक है खासकर फिटनेस प्रेमी एवं बॉडीबिल्डर के लिए। कुपोषण से ग्रसित बच्चे एवं महिलाएँ के लिए। यह उत्पाद ऊर्जा और पोषण का उत्कृष्ट स्रोत है ।वृद्धजन के लिए विटामिन ई और अच्छे फैट से हृदय एवं हड्डियों की सेहत में लाभकारी है।