रायपुर / ETrendingIndia / माओवादी नेता आत्मसमर्पण से हिंसा में कमी की उम्मीद
महाराष्ट्र के गढ़चिरोली पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ माओवादी नेता मल्लोजुला वेनुगोपाल राव, उर्फ़ सोनू, ने मंगलवार को आत्मसमर्पण किया। उनके साथ 60 माओवादी कैडर भी शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस मौजूद थे।
शांति वार्ता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
आत्मसमर्पण को माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में शांति प्रयास और हिंसा घटाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राव ने हथियार डालते हुए कहा कि अब वे देश में उत्पीड़ित लोगों के लिए काम करने वाले आंदोलनों में हिस्सा लेंगे।
एक माह की युद्धविराम अवधि का अनुरोध
राव ने केंद्र से अनुरोध किया कि माओवादी क्षेत्रों में एक माह के लिए सुरक्षा अभियान को रोका जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी कैडरों से परामर्श करने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करने के लिए यह समय आवश्यक है।
नक्सलवाद पर सरकार की रणनीति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद मुक्त होगा। सरकार की दोहरी रणनीति — आत्मसमर्पण को बढ़ावा देना और सशस्त्र अभियान तेज करना — इस दिशा में काम कर रही है।
निष्कर्ष — माओवादी हिंसा में गिरावट
कुल मिलाकर, माओवादी नेता आत्मसमर्पण ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हिंसा और आतंकवाद घटाने की उम्मीद को बढ़ाया है। यह कदम माओवादी विचारधारा में बदलाव और शांति की दिशा में अहम माना जा रहा है।
