The biggest action in the chip war
The biggest action in the chip war
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रायपुर 19 अक्तूबर 2025 / ETrendingIndia / The biggest action in the chip war! This country took over a Chinese company overnight, sending shockwaves across the world / नीदरलैंड्स ने नेक्स्पेरिया पर कब्जा किया , वैश्विक तकनीकी और व्यापार युद्ध के बीच एक बड़े घटनाक्रम में नीदरलैंड्स सरकार ने चीन की विंगटेक टेक्नोलॉजी के स्वामित्व वाली प्रमुख डच चिपमेकर कंपनी ‘नेक्स्पेरियाÓ का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया है।

देश में आवश्यक चिप्स की आपूर्ति और तकनीकी संप्रभुता सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा फैसला गुड्स अवेलेबिलिटी एक्ट के तहत लिया गया है।

आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि नेक्स्पेरिया में गंभीर प्रशासनिक खामियों के हालिया और तात्कालिक संकेत मिले हैं, जो नीदरलैंड्स और यूरोप की तकनीकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। विशेष रूप से ऑटोमोबाइल सेक्टर, जो चिप्स पर बहुत अधिक निर्भर है, के लिए यह एक बड़ा जोखिम साबित हो सकता है।

नीदरलैंड्स के नीजमेगन में मुख्यालय वाली नेक्स्पेरिया, दुनिया की उन चुनिंदा कंपनियों में से है जो ऑटोमोटिव और अन्य उद्योगों के लिए आवश्यक चिप्स बनाती है। यह कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों और ्रढ्ढ डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाली वाइड गैप सेमीकंडक्टर तकनीक पर भी काम कर रही है।

नीदरलैंड्स ने नेक्स्पेरिया पर कब्जा किया . सरकार के अनुसार, यह हस्तक्षेप एक अत्यंत असाधारण कदम है, जिसे आपातकालीन परिस्थितियों में चिप आपूर्ति श्रृंखला को टूटने से बचाने के लिए उठाया गया है।

यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव चरम पर है। हालांकि डच मंत्रालय ने इसे अमेरिकी दबाव से प्रेरित होने की बात को खारिज किया है, लेकिन इसे उस बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत अमेरिका और नीदरलैंड्स चिप उद्योग पर निर्यात नियंत्रण को लेकर मिलकर काम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि नेक्स्पेरिया की मूल कंपनी विंगटेक टेक्नोलॉजी को अमेरिका दिसंबर 2024 में ही अपनी एंटिटी लिस्ट में डाल चुका है।
विंगटेक टेक्नोलॉजी ने डच सरकार के इस फैसले को भू-राजनीतिक पक्षपात से प्रेरित अत्यधिक हस्तक्षेप करार दिया है।

कंपनी का कहना है कि उसने 2019 में नेक्स्पेरिया के अधिग्रहण के बाद से सभी स्थानीय कानूनों का पालन किया है।

इस घोषणा के बाद शंघाई स्टॉक एक्सचेंज में विंगटेक के शेयरों में 10त्न की भारी गिरावट दर्ज की गई। सरकारी आदेश के अनुसार, नेक्स्पेरिया को एक वर्ष के लिए अस्थायी बाहरी प्रबंधन के अधीन रखा गया है, और इस दौरान कंपनी की संपत्ति या कर्मचारियों में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।

विंगटेक के चेयरमैन झांग शुएझेंग को भी नेक्स्पेरिया में उनकी सभी भूमिकाओं से निलंबित कर दिया गया है।