India, Nepal ink deals
India, Nepal ink deals
Share This Article

रायपुर / ETrendingIndia / भारत-नेपाल ऊर्जा सहयोग 2025 , भारत-नेपाल ऊर्जा क्षेत्र में नई साझेदारी की शुरुआत

भारत और नेपाल ने बुधवार को ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया।
दोनों देशों ने नई क्रॉस-बॉर्डर पावर ट्रांसमिशन लाइनों के विकास के लिए महत्वपूर्ण समझौते किए, जिनका उद्देश्य बिजली व्यापार को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय ग्रिड स्थिरता को मजबूत करना है।


दोनों देशों के ऊर्जा मंत्रियों की नई दिल्ली में बैठक

नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री कुलमान घिसिंग ने नई दिल्ली में
भारत के ऊर्जा तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की।
बैठक में दोनों नेताओं ने नेपाल में चल रहे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की
और क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को गहरा करने के नए रास्तों पर चर्चा की।


पावर ग्रिड कॉरपोरेशन और नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी का संयुक्त उपक्रम

भारत की Power Grid Corporation और Nepal Electricity Authority के बीच
संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) के तहत दो प्रमुख ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स पर सहमति बनी —

  • इनरुवा (नेपाल) – न्यू पूर्णिया (भारत) 400 केवी डबल सर्किट लाइन
  • लमकी (दोदोहरा, नेपाल) – बरेली (भारत) 400 केवी डबल सर्किट लाइन

इन परियोजनाओं के पूरा होने पर दोनों देशों के बीच बिजली आदान-प्रदान में तेजी आएगी
और क्षेत्रीय ऊर्जा ग्रिड की मजबूती के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा।


क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

इन समझौतों से भारत और नेपाल के बीच स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा विनिमय का मार्ग और विस्तृत होगा।
दोनों देश दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय ऊर्जा नेटवर्क को स्थिर और विश्वसनीय बनाने की दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं,
जो भविष्य में हरित ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्र में भी नई संभावनाएँ खोलेगा।


निष्कर्ष:

भारत-नेपाल ऊर्जा सहयोग 2025 के तहत हुए ये समझौते न केवल दोनों देशों की ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करेंगे,
बल्कि सीमापार बिजली व्यापार और आर्थिक प्रगति के लिए नई दिशा भी तय करेंगे।