रायपुर, 31 अक्टूबर 2025/ ETrendingIndia / रियाद में भारतीय प्रवासी सांस्कृतिक उत्सव , प्रवासी परिचय समारोह में झलकी भारत की सांस्कृतिक विविधता
रियाद में आयोजित तीसरे प्रवासी परिचय समारोह के तीसरे दिन भारत के पाँच राज्यों के कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियाँ दीं। मंच पर मोहिनीयट्टम, तिरुवातिरा, और केरल फ्यूज़न डांस जैसी पारंपरिक नृत्य शैलियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश की कव्वाली प्रस्तुति ने भारत की सांस्कृतिक एकता को और मजबूत किया।
विभिन्न राज्यों की प्रस्तुतियों से सजा मंच
दिल्ली की समूह नृत्य प्रस्तुति में पारंपरिक और आधुनिक शैलियों का अनोखा संगम देखने को मिला। राजस्थान के लोकगीतों, नृत्य और हास्य अभिनय ने दर्शकों को खूब आनंदित किया। वहीं, हरियाणा के लोकनृत्य समूह ने ऊर्जावान प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया। इन सभी प्रस्तुतियों ने भारत की कला और संस्कृति की समृद्ध विविधता को उजागर किया।
समारोह की शुरुआत और आयोजन की विशेषताएँ
कार्यक्रम की शुरुआत चेंडा मेलम, नासिक ढोल, थालापोली, और स्कूल बैंड मेलम** की सांस्कृतिक परेड से हुई, जिसका शुभारंभ भारत के राजदूत डॉ. सुहैल अजाज खान ने किया। इसके बाद भारतीय दूतावास सभागार में मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन से हुआ।
‘एकता में विविधता’ का संदेश
यह प्रवासी परिचय उत्सव 2025 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक आयोजित किया जा रहा है। भारतीय दूतावास, रियाद द्वारा प्रवासी संगठनों के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक एकता और विविधता का उत्सव है। यह आयोजन राष्ट्रीय एकता दिवस के साथ भी मेल खाता है, जो भारत के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संदेश को और सशक्त करता है।
प्रवासी समुदाय की बढ़ती भागीदारी
कुल मिलाकर, रियाद में आयोजित इस भारतीय प्रवासी सांस्कृतिक उत्सव ने प्रवासी समुदाय को भारत की परंपरा, संगीत और कला से जोड़ने का अवसर दिया। आगे भी यह कार्यक्रम भारतीय प्रवासियों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करेगा।
