रायपुर, 03 नवम्बर 2025/ ETrendingIndia / Silver Jubilee Exhibition: 61% increase in irrigation capacity in 25 years, leading the country in water conservation / छत्तीसगढ़ सिंचाई क्षमता जल संरक्षण , छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत नवा रायपुर में लगाई गई जल संसाधन विभाग की प्रदर्शनी में राज्य में सिंचाई क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाया गया है। राज्य में सिंचाई क्षमता 13.28 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.76 लाख हेक्टेयर हो गई है। इस अवधि में सिंचाई क्षमता में 8.48 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।
प्रदेश के नक्शे मॉडल में प्रमुख सिंचाई योजनाओं, नहर तंत्र और जलाशयों को इंटरएक्टिव रूप में दिखाया गया है, जिससे आगंतुक आसानी से परियोजनाओं की संरचना और इसके लाभ को समझ पा रहे हैं।
प्रदर्शनी में विशेष रूप से अटल सिंचाई योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के मॉडल लगाए गए हैं।
जशपुर जिले की मैनी नदी पर प्रस्तावित सौर चालित बगिया दाबित सिंचाई परियोजना, खारंग जलाशय की पाराघाट व्यपवर्तन योजना, बिलासपुर जिले की छपराटोला फीडर जलाशय योजना, तथा महानदी पर प्रस्तावित मोहमेला सिरपुर बैराज को आकर्षक मॉडल के रूप में प्रदर्शित किया गया है।
राज्य की प्रस्तावित परियोजनाओं के रूप में सिकासार-कोडार लिंक परियोजना, बोधघाट बहुउद्देशीय बांध परियोजना तथा इंद्रावती -महानदी रिवर इंटरलिंकिंग परियोजना को भी जीवंत मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
छत्तीसगढ़ में निर्माण के समय राज्य में केवल 3 वृहद परियोजनाएँ, 29 मध्यम परियोजनाएँ और 1945 लघु सिंचाई योजनाएँ संचालित थीं। 25 वर्षों में इनकी संख्या बढ़कर 8 वृहद, 38 मध्यम और 2514 लघु योजनाएँ हो गई हैं। राज्य में सिंचाई क्षमता 13.28 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.76 लाख हेक्टेयर हो गई है। यानी सिंचाई क्षमता में 8.48 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो कि 61 प्रतिशत है।
सिंचाई का प्रतिशत 23.28 प्रतिशत से बढ़कर 38.15 प्रतिशत हो गया है। वर्ष 2000 में जहाँ नहरों की कुल लंबाई 14,381 किलोमीटर थी, वहीं अब यह बढ़कर 19,371 किलोमीटर हो गई है। कुल नहरों की संख्या 3,993 से बढ़कर 5,458 हो गई है।
जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ का देश में परचम –
छत्तीसगढ़ ने 4 लाख 05 हजार 563 जल संरक्षण कार्यों के साथ देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। जल संचय-जन भागीदारी 1.0 कार्यक्रम के अंतर्गत रायपुर नगर निगम ने 33,082 जल संरक्षण कार्य पूर्ण कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए रायपुर नगर निगम को 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया जाएगा।
इसी प्रकार बालोद और राजनांदगांव जिलों को भी अपनी श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 2-2 करोड़ रुपये का पुरस्कार प्राप्त होगा।
साथ ही महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलासपुर, रायगढ़, धमतरी, सूरजपुर और दुर्ग जिलों को भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है।
