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रायपुर 5 नवम्बर 2025/ ETrendingIndia / Dynasty – The “Biggest Threat” to Indian Democracy: Shashi Tharoor’s Article Stirs Political Stir Amid Bihar Elections / शशि थरूर वंशवाद विवाद , कांग्रेस सांसद शशि थरूर के एक लेख “इंडियन पॉलिटिक्स आर ए फेमिली बिजनेस” ने सियासी हलचल मचा दी है। इस लेख में थरूर ने देश की कई प्रमुख राजनीतिक पार्टियों — कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (डीएमके), तृणमूल कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस — पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा कि जब राजनीतिक ताकत योग्यता या जनसेवा के बजाय वंश से पहचानी जाने लगे, तो लोकतंत्र और शासन की गुणवत्ता दोनों कमजोर पड़ जाते हैं।

थरूर ने वंशवाद को भारतीय लोकतंत्र के लिए “सबसे बड़ा खतरा” बताते हुए कहा कि इस प्रवृत्ति से जनता का भरोसा तंत्र पर से उठने लगता है। बिहार विधानसभा चुनावों के बीच प्रकाशित इस लेख ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है, खासकर इसलिए क्योंकि थरूर ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं को भी इस प्रवृत्ति का प्रतीक बताया है।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस लेख को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि डॉ. थरूर ने बहुत “साहसिक और सच्चा” लेख लिखा है। उन्होंने टिप्पणी की, “थरूर ने राहुल गांधी जैसे ‘नेपो किड्स’ को सीधी चुनौती दी है। मैं जानता हूं, ऐसा करने का कितना बड़ा जोखिम है। जब मैंने 2017 में राहुल गांधी को चुनौती दी थी, तो मुझे इसकी कीमत चुकानी पड़ी थी।”

पूनावाला ने थरूर को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि “प्रथम परिवार बहुत प्रतिशोधी है” और उनके लिए प्रार्थना की। उन्होंने आगे लिखा, “डॉ. थरूर खतरों के खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने उन नेताओं को ललकारा है जो लोकतंत्र को निजी संपत्ति समझते हैं।” पूनावाला का यह बयान उस समय आया है जब भाजपा लगातार विपक्षी दलों पर परिवारवाद का आरोप लगाती रही है।

थरूर के इस लेख ने कांग्रेस के भीतर भी हलचल बढ़ा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान पार्टी की मौजूदा रणनीति पर असर डाल सकता है, खासकर तब जब बिहार चुनावों में कांग्रेस महागठबंधन के साथ मैदान में है। भाजपा नेताओं ने इसे अपने चुनावी प्रचार का मुद्दा बना लिया है, जबकि कांग्रेस ने अब तक इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

थरूर का यह लेख एक बार फिर भारतीय राजनीति में वंशवाद बनाम योग्यता की बहस को तेज कर गया है।