रायपुर 10 नवंबर 2025 / ETrendingIndia / Madhya Pradesh Cabinet decisions:
The amount of the Chief Minister’s Ladli Behna Yojana has been increased to ₹1,500 crore, a revised approval of ₹2,424 crore has been granted for the Acharya Shankar Museum, and solar rooftop installations using the RESCO method have been approved on government buildings / मध्य प्रदेश मंत्रि-परिषद के निर्णय 2025 , मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत दी जाने वाली मासिक आर्थिक सहायता राशि 1250 रूपये में वृद्धि कर 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति दी गयी है।
नवंबर 2025 से 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दिए जाने की स्वीकृति दी गयी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,793 करोड़ 75 लाख रुपये के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 20,450 करोड़ 99 लाख रुपये संभावित व्यय होगा।
मंत्रि-परिषद द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों के लिए सूचकांक में छूट प्रदाय किये जाने एवं आचार्य शंकर संग्रहालय “अद्वैत लोक” के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
संस्कृति विभाग द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना में आचार्य शंकर की 108 फीट की बहूधातु प्रतिमा स्थापित की जायेगी। इसके साथ ही आचार्य शंकर के जीवन और दर्शन पर आधारित शंकर संग्रहालय, (अद्वैत लोक) निर्माण, आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय वेदान्त संस्थान, अद्वैत निलयम आदि निर्माण कार्य किये जायेंगे। ये सभी निर्माण कार्य एमपीटीसी द्वारा किए जायेंगे।
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में जिले के सभी शासकीय भवनों पर रेस्को पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गयी। राज्य शासन के भवनों की छतों पर रेस्को पद्धति अंतर्गत सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाए जाएंगे। शासकीय विभागों को इन सौर परियोजनाओं में कोई निवेश नहीं करना होगा। शासकीय कार्यालयों द्वारा ऊर्जा के उपयोग के लिए रेस्को विकासक को प्रति यूनिट भुगतान करना होगा। यह दर डिस्कॉम की दरों से कम होना अपेक्षित हैं, जिससे शासकीय संस्थानों को बचत होगी। 25 वर्ष की अवधि के लिए सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। इस पूरी अवधि तक सोलर रूफटॉप संयंत्र का रख-रखाव RESCO इकाई द्वारा किया जाएगा।
रेस्को परियोजना में ऊर्जा विकास निगम द्वारा प्रत्येक जिले के समस्त शासकीय भवनों जिनकी विद्युत् संयोजन की कांट्रेक्ट क्षमता 20 किलोवाट या अधिक है, को सौर ऊर्जीकृत किये जाने के लिए जिलेवार पृथक-पृथक निविदा का प्रावधान था। मंत्रि-परिषद द्वारा पृथक-पृथक के स्थान पर एक ही निविदा संचालित करने की स्वीकृति दी गयी है। 20 किलोवाट कांट्रेक्ट क्षमता से कम के संयत्रों की स्थापना रेस्को व्यवस्था के माध्यम से की जायेगी। वन्य क्षेत्रों एवं ऑफ ग्रिड क्षेत्रों में कैपेक्स मोड पर सोलर रूफटॉप संयत्र स्थापना के लिए भी स्वीकृति दी गई।
मंत्रि-परिषद द्वारा खण्डवा की मांधाता तहसील में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय के लिए व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड श्रेणी का एक नवीन पद तथा अमले अतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 पद, इस तरह कुल 7 नवीन पदों के सृजन एवं अनुमानित वित्तीय भार 52 लाख 76 हजार रूपये प्रतिवर्ष की स्वीकृति दी गयी है। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम गायन के साथ शुरू हुई।
