World Diabetes Day
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रायपुर / ETrendingIndia / डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया ने दी त्वरित कार्रवाई की अपील

विश्व मधुमेह दिवस पर डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया डायबिटीज़ को लेकर गंभीर हुआ। इसके अलावा, संगठन ने कहा कि क्षेत्र में मधुमेह के 279 मिलियन मामले दर्ज हुए हैं। यह संख्या वैश्विक मामलों का लगभग एक-तिहाई है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है। इसलिए, डब्ल्यूएचओ ने तुरंत और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता दोहराई।


सभी आयु वर्गों के लिए समान और उचित देखभाल जरूरी

डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया डायबिटीज़ , इस वर्ष का थीम “Diabetes across life stages” है। इसलिए, यह बचपन से वृद्धावस्था तक सभी के लिए समान और आयु-उपयुक्त देखभाल पर जोर देता है। इसी तरह, डब्ल्यूएचओ ने कहा कि बच्चों को घर और स्कूल में समय पर सहायता मिलनी चाहिए। जबकि गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य और बच्चे की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंधन की जरूरत होती है। इसके अलावा, वृद्ध लोगों को गंभीर जटिलताओं से बचने के लिए निरंतर मार्गदर्शन आवश्यक है।


देर से निदान और खराब नियंत्रण बड़ी चुनौती

डब्ल्यूएचओ अधिकारियों ने बताया कि देर से निदान बड़ी समस्या बन गई है। इसलिए, बहुत से लोग समय पर उपचार नहीं पा पाते। डॉ. कैथारिना बोहम के अनुसार, क्षेत्र में केवल हर तीन में से एक वयस्क को उपचार मिलता है। फिर भी, 15 प्रतिशत से भी कम लोग अपने रक्त ग्लूकोज़ स्तर को नियंत्रित रख पाते हैं।


जीवनशैली सुधार से टाइप-2 डायबिटीज़ के जोखिम में कमी

हालांकि टाइप-1 डायबिटीज़ को रोका नहीं जा सकता, लेकिन उचित उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा, नियमित व्यायाम और संतुलित भोजन से टाइप-2 डायबिटीज़ के जोखिम में कमी आती है। इसी तरह, तंबाकू और शराब से दूर रहना भी जरूरी है। अंत में, दवा और जीवनशैली में बदलाव से पहले से पीड़ित लोग जटिलताओं से बच सकते हैं।