Share This Article रायपुर, 02 सितंबर /ETrendingIndia / भारतीय रेलवे ने आद्रा-जॉयचंदीपहाड़ कॉरिडोर में 272 करोड़ रुपये की लागत से 11 किलोमीटर लंबी बाईपास रेल लाइन बनाने को मंजूरी दी है। दक्षिण पूर्व रेलवे की यह परियोजना मालगाड़ियों की आवाजाही आसान करने, मौजूदा ट्रैक पर दबाव घटाने और बढ़ते औद्योगिक यातायात को बेहतर रेल कनेक्टिविटी देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 11 किमी लंबी होगी नई बाईपास लाइन नई लाइन आद्रा छोर को जॉयचंदीपहाड़ से जोड़ेगी और दोनों दिशाओं में रेल संपर्क उपलब्ध कराएगी। साथ ही भविष्य में तीसरी रेल लाइन के लिए अलग मार्ग उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। हर साल 8.88 मीट्रिक टन अतिरिक्त माल ढुलाई परियोजना पूरी होने के बाद कॉरिडोर पर सालाना 8.88 मीट्रिक टन अतिरिक्त माल ढुलाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे लौह अयस्क, कोयला, सीमेंट और अन्य औद्योगिक सामान की आवाजाही को बढ़ावा मिलेगा। घटेगा रेल नेटवर्क पर दबाव फिलहाल इस क्षेत्र के नेटवर्क का उपयोग करीब 71% क्षमता तक हो रहा है। नई बाईपास लाइन से मौजूदा मार्ग पर भीड़ और परिचालन संबंधी बाधाएं कम होंगी, जिससे मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक सुचारु हो सकेगी। उद्योगों को मिलेगा बड़ा फायदा यह परियोजना रेलवे के ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर का हिस्सा है। इससे एसएआईएल और बीसीसीएल जैसे बड़े औद्योगिक संस्थानों की माल ढुलाई जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। भविष्य के यातायात के लिए तैयारी जॉयचंदीपहाड़-आद्रा खंड पर यातायात का दबाव आने वाले वर्षों में बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में नई बाईपास लाइन औद्योगिक परिवहन को तेज, भरोसेमंद और अधिक क्षमता वाला रेल मार्ग उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी। Share This Article Post navigation विकसित भारत के लिए PM मोदी की अपील …! विदेश यात्रा और सोने की खरीद से बचें… अयोध्या राम मंदिर को 4 करोड़ का चेक, खाते में थे सिर्फ 3 रुपये; सामने आया अनोखा मामला