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रायपुर, 18 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली ने AI मैमोग्राफी मॉडल AIIMS से जुड़ी तकनीक BPL Technologies Limited को ट्रांसफर की है। यह तकनीक Artificial Intelligence आधारित मैमोग्राफी इंटरप्रिटेशन मॉडल से संबंधित है।

AIIMS के अनुसार, इस पहल से अकादमिक शोध को हेल्थकेयर इनोवेशन में बदलने का रास्ता खुलेगा। साथ ही, तकनीक के आगे विकास, वैलिडेशन और संभावित क्लिनिकल इस्तेमाल की दिशा में काम किया जा सकेगा।

रेडियोलॉजिस्ट की सहायता के लिए विकसित मॉडल

AI मैमोग्राफी मॉडल AIIMS को मैमोग्राफी जांच की व्याख्या में रेडियोलॉजिस्ट की सहायता के लिए विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में मदद करना है, जहां विशेषज्ञ इमेजिंग विशेषज्ञों की उपलब्धता सीमित है।

AIIMS ने बताया कि यह टेक्नोलॉजी एक प्रमुख अकादमिक चिकित्सा संस्थान और भारतीय हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी कंपनी के बीच सहयोग को दर्शाती है। इससे मॉडल को आगे विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

AIIMS और BPL Technologies के बीच समझौता

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर 16 सितंबर को AIIMS नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में हुआ। इस अवसर पर AIIMS के निदेशक प्रो. निखिल टंडन और BPL Technologies Limited के CFO अजय जिंदल मौजूद रहे।

इसके अलावा, Associate Dean (Research) प्रो. गोविंद मखारिया, Dean, Hospital Administration प्रो. वेलपांडियन और Radiology विभाग की प्रोफेसर प्रो. स्मृति हरी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। Associate Professor डॉ. कृतिका रंगराजन भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

रिसर्च टीम के योगदान को सराहा

AIIMS निदेशक प्रो. निखिल टंडन ने अकादमिक शोध को वास्तविक स्वास्थ्य जरूरतों से जोड़ने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी पहल संस्थान में इनोवेशन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट को आगे बढ़ाएगी।

डॉ. कृतिका रंगराजन ने AIIMS की टेक्नोलॉजी टीम, Research Section और Ministry of Education के योगदान के लिए आभार जताया। उन्होंने Machine Learning Engineering टीम के Om Shivom, Kushagra Chaturvedi और Aashish Rastogi के योगदान का भी उल्लेख किया।


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