Share This Article रायपुर, 18 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / भारतीय तटरक्षक बल (ICG) का 43वां कमांडर सम्मेलन 17 सितंबर से नई दिल्ली में शुरू हुआ। तीन दिवसीय सम्मेलन में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बदलती समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए तटरक्षक बल को नई तकनीकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्षमता और मानवरहित प्रणालियों के साथ लगातार आगे बढ़ने का आह्वान किया। तकनीक के साथ कदम मिलाने पर जोर संजय सेठ ने कहा कि समुद्री सुरक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में सेंसर, डेटा, AI, सॉफ्टवेयर, साइबर तकनीक, स्वायत्त और अंतरिक्ष आधारित प्रणालियों का इस्तेमाल बढ़ाना जरूरी है। ‘मेक इन इंडिया’ से आगे बढ़कर बनें सह-निर्माता उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता केवल भारतीय उत्पाद खरीदने तक सीमित नहीं है। भारत को अपनी चुनौतियों के समाधान खुद विकसित करने होंगे। इसके लिए स्टार्टअप, उद्योग, DRDO और अनुसंधान संस्थानों के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया गया। तटरक्षक बल की मानवीय भूमिका भी अहम ICG समुद्री सुरक्षा के साथ खोज एवं बचाव, मेडिकल इवाक्यूएशन, आपदा राहत और समुद्री प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मंत्री ने संकट में फंसे लोगों की राष्ट्रीयता की परवाह किए बिना मदद करने के लिए तटरक्षक बल की सराहना की। समुद्र से अंतरिक्ष तक बढ़ेंगी क्षमताएं भारत की बढ़ती समुद्री जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्नत प्लेटफॉर्म, अंडरवाटर तकनीक, ड्रोन/मानवरहित सिस्टम, लंबी दूरी की निगरानी, सैटेलाइट आधारित समुद्री निगरानी और सुरक्षित संचार को मजबूत करने पर जोर दिया गया। नौसेना के साथ बढ़ेगा समन्वय सम्मेलन में तटरक्षक कमांडर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन के साथ भी चर्चा करेंगे। सम्मेलन में पिछले वर्ष की परिचालन तैयारियों, प्रशिक्षण, मानव संसाधन, लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे की समीक्षा के साथ स्वदेशीकरण की परियोजनाओं का भी आकलन किया जाएगा। Share This Article Post navigation NTPC कोरबा की बड़ी पहल : 60.71 लाख टन राख का उपयोग… 25 हजार लोगों तक पहुंची स्वास्थ्य सेवा पासपोर्ट पर नया नियम लागू : 15 साल से कम उम्र के बच्चों का पासपोर्ट अब 5 साल तक रहेगा वैध