Air India
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रायपुर ,07 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / Air India hikes fares for domestic and international flights, to come into effect from April 8 / एयर इंडिया किराया बढ़ोतरी , पश्चिमी एशिया में संघर्ष के कारण जेट ईंधन का संकट पैदा हुआ है। इसे देखते हुए एयर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों मार्गों पर ईंधन अधिभार बढ़ा दिया है।

इससे यात्रियों की जेब पर फर्क पड़ेगा और बढ़ा हुआ किराया देना होगा। बढ़ा किराया 8 अप्रैल से लागू होगा।

किराए में बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है, जब एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

एयर इंडिया ने पहले के निश्चित शुल्क के स्थान पर दूरी-आधारित किराया बढ़ाया है, जिससे यात्री द्वारा भुगतान की जाने वाली अतिरिक्त राशि उनकी यात्रा की दूरी पर निर्भर करेगी।

अब 500 किलोमीटर तक की छोटी उड़ानों के लिए 299 रुपये, 501 से 1,000 किमी के बीच 399 रुपये, 1,001 से 1,500 किमी के बीच 549 रुपये, 1,501 से 2,000 किमी के बीच 749 रुपये और 2,000 किलोमीटर से अधिक की उड़ान यात्रा के लिए 899 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बांग्लादेश को छोड़कर सार्क जैसे निकटवर्ती क्षेत्रों के लिए अब प्रति यात्री प्रति सेक्टर लगभग 2,232 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

पश्चिम एशिया (मध्य-पूर्व) के लिए 4,650 रुपये, चीन और दक्षिणपूर्व एशिया (सिंगापुर छोड़कर) के लिए 9,300 रुपये, सिंगापुर के लिए 5,580 रुपये, अफ्रीका के लिए 12,090 रुपये, ब्रिटेन के लिए 19,065 रुपये अतिरिक्त देना होगा।

उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे लंबी दूरी के मार्गों पर करीब 26,040 रुपये का भुगतान करना होगा।

पहले कनेक्टिंग उड़ान का किराया कम माना जाता था, लेकिन एयर इंडिया ने प्रति यात्री-प्रति सेक्टर के हिसाब से बढ़ोतरी लागू की है, जिससे कनेक्टिंग उड़ान महंगी हुई है।

कनेक्टिंग यात्रा में ज्यादा किराया लगेगा

सेक्टर का मतलब यात्रा के चरण से है, जैसे- दिल्ली-मुंबई की सीधी उड़ान एक सेक्टर है। अगर कोई कनेक्टिंग यात्रा (दिल्ली-मुंबई वाया बेंगलुरु) बुक करेगा तो उसे 2-3 सेक्टरों में गिना जाएगा और प्रत्येक चरण के लिए ईंधन अधिभार अलग से लगेगा। यानी सीधी उड़ान से ज्यादा अधिक किराया देना होगा।

वैश्विक जेट ईंधन की कीमतें मार्च के अंत में बढ़कर 195.19 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं, जो फरवरी के अंत में 99.40 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी। एयर इंडिया से पहले इंडिगो भी अपने ईंधन अधिभार को बढ़ा दिया है।