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रायपुर, 21 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की विक्रेता सेवा इकाई पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने यह कार्रवाई साधारण मिठाइयों को ‘श्रीराम मंदिर अयोध्या प्रसादÓ के नाम से बेचने और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले विज्ञापन दिखाने के मामले में की है। उपभोक्ता नियामक की जांच में सामने आया कि अमेजन के मंच पर ऐसे उत्पादों की बिक्री की अनुमति दी गई, जिनके लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की ओर से कोई आधिकारिक मंजूरी या प्रामाणिकता प्रमाण उपलब्ध नहीं था।

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने अपने 19 पन्नों के आदेश में कहा कि ‘श्रीराम मंदिर अयोध्या प्रसादÓ शब्द देश के करोड़ों हिंदू श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक और भावनात्मक महत्व रखता है। प्राधिकरण के अनुसार, बिना आधिकारिक अनुमति के सामान्य मिठाइयों को इस नाम से बेचकर व्यावसायिक लाभ कमाना उपभोक्ताओं को गुमराह करने के साथ-साथ उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है।
प्राधिकरण ने कहा कि अमेजन जैसे बड़े ऑनलाइन मंच की व्यापक पहुंच के कारण उपभोक्ता ऐसे विज्ञापनों को वास्तविक और प्रमाणिक मान सकते हैं। इससे भ्रामक प्रचार के प्रभाव और संभावित नुकसान में वृद्धि होती है।

यह मामला जनवरी 2024 में सामने आया था। अखिल भारतीय व्यापारी महासंघ ने 19 जनवरी 2024 को अमेजन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अमेजन पर चार प्रकार की मिठाइयों को अयोध्या में श्रीराम मंदिर का प्रसाद बताकर 299 से 385 रुपये के बीच बेचा जा रहा था।bमामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से तीन दिन पहले, 19 जनवरी को ही अमेजन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

जांच के दौरान सामने आया कि इन भ्रामक विज्ञापनों के माध्यम से कुल 25,26,309 रुपये की सकल बिक्री हुई। हालांकि, अमेजन के हिस्से में वास्तविक राजस्व 39,802 रुपये आया। इसमें से कंपनी ने सेवा शुल्क और कमीशन के रूप में 15,165 रुपये अर्जित किए। अमेजन ने अपने बचाव में तर्क दिया था कि वह केवल एक मध्यस्थ मंच है और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत उसे संरक्षण प्राप्त है। हालांकि, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता संरक्षण कानून और सूचना प्रौद्योगिकी कानून अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाएं हैं। केवल मध्यस्थ होने का दावा करके अमेजन अपनी उपभोक्ता संरक्षण संबंधी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्राधिकरण ने अमेजन को कई निर्देश भी दिए हैं। आदेश के अनुसार, कंपनी बिना प्रमाणिक दस्तावेज और संबंधित धार्मिक न्यास या प्रबंधन की लिखित अनुमति के देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों से जुड़े किसी भी प्रसाद या भोग की बिक्री अपने मंच पर नहीं होने देगी।

इन धार्मिक स्थलों में श्रीराम जन्मभूमि, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम, वैष्णो देवी, काशी विश्वनाथ मंदिर और जगन्नाथ मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। प्राधिकरण ने अमेजन को अपने मंच पर विक्रेताओं की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा उपभोक्ताओं के लिए बिना किसी लॉगिन के शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया है। उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण का यह आदेश ऑनलाइन खरीदारी में भ्रामक विज्ञापनों और धार्मिक आस्था से जुड़े उत्पादों की प्रमाणिकता को लेकर ई-कॉमर्स कंपनियों की जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।


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