Share This Article रायपुर, 02 सितंबर /ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अरपा नदी के प्रदूषण से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने नदी प्रदूषण की स्थिति स्वीकार की। सरकार के अनुसार, बिलासपुर से रोजाना 72.20 एमएलडी गंदा पानी निकलता है।इसमें से करीब 40 फीसदी सीवेज बिना उपचार सीधे अरपा नदी में जा रहा है। इस खुलासे के बाद अरपा नदी प्रदूषण संकट को लेकर चिंता बढ़ गई है।नदी के अस्तित्व और संरक्षण पर भी सवाल खड़े हुए हैं। 78 एमएलडी क्षमता, लेकिन 43.90 एमएलडी सीवेज का ही उपचार राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि बिलासपुर की अनुमानित आबादी वर्ष 2026 में 6,68,540 होगी।शहर में फिलहाल चार एचटीपी संचालित हैं। इनकी कुल क्षमता 78 एमएलडी बताई गई है।हालांकि, इन संयंत्रों में केवल 43.90 एमएलडी सीवेज ही ट्रीट हो पा रहा है। इस तरह करीब 28.30 एमएलडी सीवेज शोधन प्रणाली में नहीं पहुंच पा रहा है।इस कारण इसका कुछ हिस्सा सीधे नदी में जाने की स्थिति बन रही है। शहर में 70 नाले, कई जगह नदी में सीधे मिल रहा सीवेज बिलासपुर शहर में कुल 70 नाले बताए गए हैं।इनमें 35 नाले उत्तरी और 35 दक्षिणी छोर पर हैं। इनमें पांच उत्तरी और छह दक्षिणी प्रमुख नाले शामिल हैं।ये नाले सीवेज को एचटीपी तक पहुंचाने का काम करते हैं। हालांकि, कुछ स्थानों पर सीवेज सीधे अरपा नदी में मिल रहा है।इससे अरपा नदी प्रदूषण संकट और गंभीर होने की आशंका है। मंगला में दो नए एसटीपी तैयार राज्य सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए नए एसटीपी की जानकारी भी दी।मंगला में 16 एमएलडी क्षमता के दो नए एसटीपी तैयार किए जा रहे हैं। मंगला-बी एसटीपी की क्षमता 10 एमएलडी है।इसका करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। प्रशासन ने 31 दिसंबर तक इसका इलेक्ट्रोमैकेनिकल काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है।इसके अलावा छह एमएलडी क्षमता वाले मंगला-डी संयंत्र का काम पूरा हो चुका है। मंगला-डी एसटीपी का ट्रायल रन जारी सरकार के अनुसार, मंगला-डी एसटीपी का सिविल और इलेक्ट्रोमैकेनिकल काम पूरा हो चुका है।फिलहाल इसका ट्रायल रन चल रहा है। नए संयंत्र शुरू होने के बाद सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।इससे नदी में बिना उपचार जाने वाले गंदे पानी को रोकने में मदद मिल सकती है। अरपा नदी के संरक्षण को लेकर बढ़ी चिंता हाईकोर्ट में पेश शपथपत्र से बिलासपुर की सीवेज व्यवस्था की स्थिति सामने आई है।रोजाना निकलने वाले गंदे पानी का बड़ा हिस्सा अभी पूरी तरह ट्रीट नहीं हो रहा। Share This Article Post navigation रायपुर नगर पालिक निगम : व्हीआईपी इस्टेट में अशोका रतन के सामने आवासीय क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित अवैध व्यवसायिक गतिविधियां बंद …ताला लगाकर पंचनामा ,सीलबंद