Share This Article जालंधर, 31 अक्टूबर 2026। Asian Hockey Champions Trophy : भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए जापान को 4-1 से हरा दिया। शुक्रवार को ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। अभिषेक ने दो गोल किए, जबकि हरमनप्रीत सिंह और विष्णु कांत सिंह ने एक-एक गोल दागा। इस जीत के साथ भारत ने लगातार तीसरी जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। अभिषेक ने 150वें अंतरराष्ट्रीय मैच में जड़ा दोहरा गोल भारत की ओर से अभिषेक ने 11वें और 51वें मिनट में गोल किए। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 47वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, जबकि विष्णु कांत सिंह ने 56वें मिनट में शानदार व्यक्तिगत प्रयास से गेंद गोलपोस्ट में पहुंचाई। जापान के लिए शोता यामादा ने 15वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर एकमात्र गोल किया। अपना 150वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल रहे अभिषेक को दो गोल के शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पहले हाफ में 1-1 की बराबरी पर रहीं दोनों टीमें भारतीय टीम ने प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए थे। विष्णु कांत और अंगद बीर सिंह को मौका मिला, जबकि मनदीप सिंह और नीलाकांता शर्मा को आराम दिया गया। जापान ने शुरुआत से ही हाई प्रेस रणनीति अपनाई और दूसरे मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन वह गोल नहीं कर सका। भारत ने 11वें मिनट में बढ़त बनाई। विवेक सागर प्रसाद से गेंद मिलने के बाद सुखजीत सिंह ने अभिषेक को पास दिया और उन्होंने शानदार फिनिशिंग के साथ गेंद गोल में पहुंचा दी। पहले क्वार्टर के अंतिम पलों में जापान को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। शोता यामादा ने इसे गोल में बदलकर स्कोर 1-1 कर दिया। दूसरे क्वार्टर में जापान ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए भारत पर दबाव बनाया। भारतीय गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने कई अच्छे बचाव किए। भारत को भी कुछ मौके मिले, लेकिन अंगद बीर सिंह और हरमनप्रीत-अभिषेक की कोशिशें गोल में नहीं बदल सकीं। हाफ टाइम तक स्कोर बराबर रहा। तीसरे क्वार्टर के बाद भारत ने पकड़ी रफ्तार तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने बेहतर तालमेल दिखाया और गेंद पर अपना नियंत्रण बढ़ाया। सुखजीत सिंह को 32वें मिनट में गोल का मौका मिला, लेकिन उनका शॉट पोस्ट के ऊपर से निकल गया। 36वें मिनट में जापान को पेनल्टी कॉर्नर मिला, मगर भारतीय डिफेंस ने उसे नाकाम कर दिया। इसके बाद भारत ने लगातार हमले किए। शिलानंद लाकड़ा के जोरदार शॉट को जापानी गोलकीपर ने रोक लिया। भारतीय टीम ने आखिरी क्वार्टर में अपने आक्रमण को और तेज कर दिया। हरमनप्रीत और विष्णु कांत के गोल से भारत की बड़ी जीत 47वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अपनी दमदार ड्रैग-फ्लिक से गेंद गोलपोस्ट में पहुंचाकर टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। टूर्नामेंट में यह उनका पांचवां गोल था और उनके सभी गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए हैं। 51वें मिनट में दिलप्रीत सिंह और संजय के बीच बने मूव के बाद अभिषेक ने शानदार फिनिशिंग करते हुए अपना दूसरा गोल दागा। इससे भारत की बढ़त 3-1 हो गई। 56वें मिनट में विष्णु कांत सिंह ने हरमनप्रीत के लंबे एरियल पास को नियंत्रित किया और शानदार व्यक्तिगत कौशल दिखाते हुए गोलकीपर को छकाकर गेंद नेट में पहुंचा दी। भारत ने 4-1 की बढ़त के साथ मुकाबला अपने नाम किया। मलेशिया भी सेमीफाइनल में, अंक तालिका में भारत शीर्ष पर शुक्रवार को खेले गए अन्य मुकाबलों में मलेशिया ने बांग्लादेश को 6-1 से हराकर लगातार तीसरी जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई। वहीं, दक्षिण कोरिया ने चीन को 2-1 से मात दी। जापान के खिलाफ जीत के बाद भारत तीन मैचों में नौ अंकों और प्लस 19 के गोल अंतर के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है। मलेशिया के भी नौ अंक हैं, लेकिन प्लस 8 के गोल अंतर के कारण वह दूसरे स्थान पर है। जापान छह अंकों के साथ तीसरे और दक्षिण कोरिया तीन अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। चीन और बांग्लादेश अब तक अपना खाता नहीं खोल सके हैं। रविवार को मलेशिया से होगा भारत का मुकाबला प्लेयर ऑफ द मैच अभिषेक ने बताया कि टीम का लक्ष्य आखिरी क्वार्टर में खेल पर नियंत्रण बनाकर जापान पर दबाव बढ़ाना था। उन्होंने कहा कि हाफ टाइम के दौरान कोच क्रेग फुल्टन ने खिलाड़ियों को आक्रामक खेल जारी रखने के निर्देश दिए थे। भारतीय टीम की कोशिश पेनल्टी कॉर्नर हासिल करने की भी थी, जिसका फायदा हरमनप्रीत ने गोल करके दिलाया। अब भारतीय टीम रविवार को मलेशिया के खिलाफ मैदान में उतरेगी। इस मुकाबले में उसकी नजर जीत की लय बरकरार रखने और अंक तालिका में शीर्ष स्थान मजबूत करने पर होगी। Share This Article Post navigation IPL 2027 : मुंबई इंडियंस ने IPL 2027 के लिए कोचिंग स्टाफ का किया ऐलान, रोहित उपाध्याय बने बैटिंग कोच