Fish farmingFish farming
Share This Article

रायपुर, 30 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / कभी खाली पड़ी जमीन से कोई आमदनी नहीं होती थी। अब उसी जमीन पर बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर विप्लब हलदर ने आय का नया जरिया तैयार किया है।

मत्स्य विभाग की योजना से मिली सहायता और 40 प्रतिशत अनुदान के सहारे उन्होंने करीब 14 लाख रुपये की इकाई स्थापित कर मछली उत्पादन शुरू किया है।

14 लाख की इकाई, 40% अनुदान

योजना के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को इकाई लागत का 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। विप्लब ने इस सहायता का लाभ लेकर खाली जमीन को आधुनिक मत्स्य पालन से जोड़ा है।

तीन माह बाद शुरू होगी बिक्री

वर्तमान में बायोफ्लॉक में पल रही मछलियां बढ़वार की अवस्था में हैं। करीब तीन माह बाद मछलियां बिक्री योग्य आकार में आने की उम्मीद है। स्थानीय बाजार में मछली की मांग को देखते हुए विप्लब को अच्छी बिक्री की उम्मीद है।

बेहतर परिणाम मिलने पर विप्लब इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।

खाली जमीन बनी आय का आधार

बायोफ्लॉक तकनीक ने विप्लब को कम जगह में आधुनिक तरीके से मछली पालन शुरू करने का अवसर दिया है।

उनका कहना है कि सरकारी सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन से ऐसी जमीन, जो पहले अनुपयोगी पड़ी थी, अब स्वरोजगार का आधार बन गई है।


Share This Article