Share This Article वॉशिंगटन, 21 अक्टूबर 2026। Bangladesh Crisis : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सत्ता से विदाई को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बहस तेज हो गई है। उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय ने आरोप लगाया है कि अमेरिका की तत्कालीन जो बाइडेन सरकार ने उनकी मां की सरकार को हटाने में भूमिका निभाई थी। जॉय के मुताबिक, अमेरिकी एजेंसी USAID के माध्यम से कथित तौर पर 50 मिलियन डॉलर की फंडिंग की गई थी। हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेजी सबूत सार्वजनिक नहीं किया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। USAID की फंडिंग को लेकर उठाए सवाल वॉशिंगटन में सेंटर फॉर यूएस-बांग्लादेश रिलेशंस की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सजीब वाजेद जॉय ने दावा किया कि USAID और कुछ लोकतंत्र समर्थक संगठनों ने बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शनों के दौरान समूहों को जुटाने में भूमिका निभाई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गतिविधि ने तत्कालीन सरकार के खिलाफ आंदोलन को प्रभावित किया। हालांकि, कथित फंडिंग और सत्ता परिवर्तन के बीच संबंध स्थापित करने वाले प्रमाण उन्होंने पेश नहीं किए। अमेरिकी संस्थाओं और संगठनों पर लगाए आरोप जॉय ने नेशनल डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूट और इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन संगठनों ने विरोध प्रदर्शनों से जुड़े कुछ समूहों को संगठित करने और प्रशिक्षण देने में भूमिका निभाई। उनका दावा है कि इन गतिविधियों का असर बाद में बांग्लादेश में फैली अशांति पर पड़ा। कार्यक्रम में अवामी लीग के कई समर्थक और पूर्व अधिकारी भी मौजूद थे। इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित संस्थाओं का पक्ष और स्वतंत्र साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे। मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर भी सवाल सजीब वाजेद जॉय ने बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन को लेकर भी अमेरिकी दबाव का आरोप लगाया। उनके अनुसार, ढाका में कूटनीतिक दबाव के चलते सैन्य नेतृत्व को मुहम्मद यूनुस को अंतरिम प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपनी पड़ी। यह जॉय का दावा है; उपलब्ध विवरण में इसके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। चरमपंथ और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर जताई चिंता जॉय ने बांग्लादेश में चरमपंथी संगठनों की कथित बढ़ती सक्रियता पर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि कुछ उग्रवादियों की रिहाई और पाकिस्तान समर्थित समूहों की गतिविधियों से क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों की सार्वजनिक मौजूदगी का भी आरोप लगाया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। बांग्लादेश में सुरक्षा स्थिति का आकलन करते समय आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय स्वतंत्र रिपोर्टों को देखना महत्वपूर्ण होगा। चीन के बढ़ते प्रभाव और बोइंग सौदे पर उठाए सवाल अमेरिका और चीन के साथ बांग्लादेश के संबंधों पर टिप्पणी करते हुए जॉय ने कहा कि शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद ढाका और बीजिंग के रिश्ते मजबूत हुए हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आर्थिक चुनौतियों के बीच बांग्लादेश ने अमेरिकी विमान निर्माता बोइंग से 29 विमानों के सौदे की दिशा में कदम क्यों बढ़ाया। जॉय ने इस समझौते की वित्तीय व्यवहार्यता पर सवाल उठाए, लेकिन सौदे की शर्तों और भुगतान क्षमता के बारे में स्वतंत्र तथ्यों के बिना इन दावों पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। Share This Article Post navigation ट्रंप का दावा : पेरिस जल्द बन जाएगा ‘मुस्लिम शहर’…! फ्रांस की प्रवासन नीति पर उठाए सवाल India-US News : भारत के प्रदर्शन पर मार्को रुबियो की दोटूक टिप्पणी, बोले- यह भारत का आंतरिक राजनीतिक मामला