Share This Article वॉशिंगटन, 21 अक्टूबर 2026। US Hindu Temple Attack : अमेरिका में हिंदू मंदिरों और दक्षिण एशियाई समुदायों की सुरक्षा को लेकर चिंता के बीच 105 अमेरिकी सांसदों के द्विदलीय समूह ने FBI से एक कथित हमले की गहन जांच करने की मांग की है। मामला इलिनोइस के ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) हिंदू मंदिर के बाहर 11 अक्टूबर को हुई गोलीबारी की कोशिश से जुड़ा है। सांसदों ने FBI से यह पता लगाने को कहा है कि घटना के पीछे धार्मिक, नस्लीय या जातीय नफरत की भूमिका थी या नहीं। उन्होंने हिंदू, सिख और भारतीय-अमेरिकी समुदायों के खिलाफ संभावित खतरों से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी जवाब मांगा है। राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में FBI को पत्र भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में सांसदों ने FBI निदेशक काश पटेल को पत्र लिखकर मामले की जांच के संबंध में सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के समय कृष्णमूर्ति और उनका परिवार भी मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहा था। सांसदों ने आग्रह किया है कि संभावित हेट क्राइम के पहलू की जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि घटना किसी व्यापक साजिश का हिस्सा तो नहीं थी। मंदिर के बाहर गोली चलाने की कोशिश का आरोप प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पापोरकिस पर मंदिर के बाहर एक व्यक्ति को गोली मारने की कोशिश करने का आरोप है। कथित तौर पर राइफल में खराबी आने के कारण गोली नहीं चल सकी और आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद उसे उसी दिन गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी के पास से राइफल, बड़ी संख्या में कारतूस, बॉडी आर्मर और श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा से जुड़ी सामग्री बरामद हुई। इन तथ्यों और कथित मकसद की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होनी बाकी है। क्या धार्मिक नफरत या ऑनलाइन नेटवर्क की थी भूमिका? सांसदों ने FBI से पूछा है कि क्या जांच में नस्लीय, जातीय और धार्मिक पूर्वाग्रह को संभावित मकसद के रूप में शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि क्या किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या अन्य व्यक्तियों ने कथित हमले की योजना बनाने में भूमिका निभाई। सांसदों ने एजेंसी से 29 अक्टूबर तक लिखित जवाब देने का अनुरोध किया है, ताकि मामले की जांच और दक्षिण एशियाई समुदायों की सुरक्षा से जुड़े कदमों की जानकारी मिल सके। सोशल मीडिया पर दक्षिण एशियाई विरोधी नफरत को लेकर चिंता सांसदों के पत्र में सोशल मीडिया पर दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ नफरत भरी सामग्री बढ़ने की चिंता भी जताई गई है। पत्र में उद्धृत आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच X पर दक्षिण एशियाई विरोधी 5.42 लाख से अधिक नफरत भरे पोस्ट किए गए। कार्नेगी एंडोवमेंट की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि 48 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकियों ने 2025 की शुरुआत से नस्लीय पोस्ट का सामना करने की बात कही, जबकि हर चार में से एक व्यक्ति ने व्यक्तिगत रूप से नस्लीय टिप्पणी सुने जाने की जानकारी दी। इन आंकड़ों के आधार पर सांसदों ने दक्षिण एशियाई समुदायों की सुरक्षा और ऑनलाइन नफरत से निपटने के उपायों पर अधिक स्पष्टता की मांग की है। Share This Article Post navigation India-US News : भारत के प्रदर्शन पर मार्को रुबियो की दोटूक टिप्पणी, बोले- यह भारत का आंतरिक राजनीतिक मामला