रायपुर, 18 जून 2026/ ETrendingIndia / “EOW-ACB’s Big Action: Former Chief Engineer Bhagirath Verma Arrested, Police Remand Until June 27” राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्लू ) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ऐसीबी ) ने भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। विशेष न्यायालय ने उन्हें 27 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
ईओडब्लू-एसीब के अनुसार भागीरथ वर्मा वर्ष 2019 से 2023 तक विभाग में मुख्य अभियंता के पद पर पदस्थ रहे। इस दौरान उन्होंने निविदा कार्यों के आबंटन के बदले कथित रूप से रिश्वत की मांग की और पद का दुरुपयोग करते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित की।
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है।
जांच के तहत ईओडब्लू-एसीबी की टीम ने रायपुर और बिलासपुर के छह ठिकानों सहित मध्यप्रदेश के उज्जैन में दो स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक सेवानिवृत्त अधिकारी भागीरथ वर्मा की आय से अधिक संपत्ति की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल ईओडब्लू-एसीबी मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है और जब्त दस्तावेजों तथा डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जांच के दायरे में अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा सकती है।
