Share This Article रायपुर,13 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “BSP’s capacity expansion to 10.2 MTPA: EPCM agreement signed with Mecon” भारत के अग्रणी एकीकृत इस्पात संयंत्रों में शामिल भिलाई इस्पात संयंत्र ने अपनी दीर्घकालिक क्षमता विस्तार योजना के तहत महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन एंड मैनेजमेंट (ईपीसीएम) परामर्श सेवाओं के लिए मेकॉन लिमिटेड के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। यह अनुबंध संयंत्र की 3.44 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) कच्चा इस्पात क्षमता विस्तार परियोजना के लिए किया गया है। विस्तार परियोजना वर्ष 2030-31 तक होगी पूर्ण वर्तमान में भिलाई इस्पात संयंत्र की कच्चा इस्पात उत्पादन क्षमता 7 मिलियन टन प्रति वर्ष है। प्रस्तावित विस्तार परियोजना के पूर्ण होने पर वर्ष 2030-31 तक इसकी क्षमता बढ़कर 10.2 मिलियन टन प्रति वर्ष हो जाएगी। इससे संयंत्र की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और देश में बढ़ती इस्पात मांग को पूरा करने के साथ-साथ राष्ट्रीय अवसंरचना विकास को भी मजबूती मिलेगी। मेकॉन देगी व्यापक परामर्श सेवाएं अनुबंध के तहत मेकॉन लिमिटेड परियोजना की योजना निर्माण, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट प्रबंधन, निर्माण प्रबंधन तथा समग्र परियोजना क्रियान्वयन के लिए व्यापक परामर्श सेवाएं प्रदान करेगी, जिससे परियोजना का समयबद्ध एवं प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके। इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन एंड मैनेजमेंट (ईपीसीएम) परामर्श अनुबंध पर 11 जुलाई 2026 को भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं–वाणिज्य) अनुराग उपाध्याय तथा मेकॉन लिमिटेड के वरिष्ठ महाप्रबंधक (विपणन) आर. के. वर्मा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) पी. के. सरकार, मेकॉन लिमिटेड के निदेशक (परियोजनाएं) राजीव खिल्लन, कार्यपालक निदेशक (दिल्ली कार्यालय) डॉ. आर. के. दत्ता, भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) उन्मेष भारद्वाज एवं मानस कुमार गुप्ता, मेकॉन-भिलाई केंद्र के वरिष्ठ महाप्रबंधक आर. के. पिल्लई सहित दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। Share This Article Post navigation कृषि यंत्रीकरण योजना : बदली तिहारूराम की तकदीर, 4 लाख रूपए के अनुदान से मिला ट्रैक्टर छत्तीसगढ़ शासन : क्रमोन्नत वेतनमान या समयमान वेतनमान में से एक विकल्प का चयन 31 जुलाई तक करें