Bhilai Steel PlantBhilai Steel Plant
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रायपुर, 30 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ सरकार ने भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से लोहा और कबाड़ चोरी के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने को मंजूरी दे दी है। वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने यह दावा किया है। उनके अनुसार, राज्य सरकार ने इस संबंध में 25 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी की है।

दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना को जांच का अधिकार

विधायक द्वारा साझा की गई अधिसूचना के मुताबिक, राज्य सरकार ने पुरानी भिलाई थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले की जांच के लिए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (CBI) के अधिकारियों को पूरे छत्तीसगढ़ में अधिकार क्षेत्र देने की मंजूरी दी है।

रिकेश सेन ने कहा कि वे लंबे समय से बीएसपी से बड़े पैमाने पर लोहा और कबाड़ चोरी का मुद्दा उठा रहे थे। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार जताया।

अब तक 21 गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, मामला 26 मई को हथखोज क्षेत्र स्थित एके ट्रेडर्स के परिसर से बड़ी मात्रा में लोहे का स्क्रैप बरामद होने से जुड़ा है। इस मामले में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में भाजपा का एक पदाधिकारी तथा बीएसपी और एक निजी इस्पात कंपनी के अधिकारी भी शामिल हैं।

पुलिस ने पहले बताया था कि बीएसपी के अंदर और बाहर सक्रिय एक संगठित गिरोह कथित तौर पर पिछले चार-पांच महीनों से लोहे का कबाड़ चोरी कर रहा था।

आरोप है कि चोरी के स्क्रैप को ‘फ्लू डस्ट’ की खेप में छिपाकर अवैध रूप से जमा किया जाता था और बाद में बेचा जाता था।

3.22 करोड़ रुपये का माल जब्त

छापे के दौरान ट्रकों और भारी वाहनों में लदी लोहे की प्लेटें, बीम, कटिंग, अन्य स्क्रैप और फ्लू डस्ट बरामद की गई थी।

पुलिस के अनुसार जब्त स्क्रैप, वाहनों और मशीनरी की कुल कीमत करीब 3.22 करोड़ रुपये है। इसमें लगभग 90 लाख रुपये मूल्य का लोहे का कबाड़ शामिल है।

विधायक सेन ने आरोप लगाया है कि मामले में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों के साथ-साथ चोरी का समर्थन करने वाले कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी अब जांच के दायरे में आ सकती है। CBI जांच के बाद मामले में आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।


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