Bhopal IAS News: A 50-day posting... followed by a transfer! IAS officer Neha Marvya Singh voices her anguish, saying, "The conspirators win."Bhopal IAS News
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भोपाल, 07 सितम्बर। Bhopal IAS News : मध्य प्रदेश में एक IAS अधिकारी के बार-बार तबादले ने प्रशासनिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। IAS अधिकारी नेहा मारव्या सिंह ने एक साल के भीतर चौथी बार ट्रांसफर लिस्ट में अपना नाम आने पर खुलकर नाराजगी जाहिर की है। 5 सितंबर 2026 की ट्रांसफर लिस्ट सामने आने के बाद उन्होंने IAS अधिकारियों के ग्रुप में एक लंबा संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने छोटे कार्यकाल और कामकाज के दौरान सामने आई परेशानियों को लेकर सिस्टम पर कई सवाल खड़े किए।

ज्वाइनिंग के 50 दिन बाद ही तबादला

नेहा मारव्या सिंह के मुताबिक, जिस पद पर उन्होंने हाल ही में जिम्मेदारी संभाली थी, वहां उन्हें काम करने के लिए सिर्फ करीब 50 दिन मिले। इसके बाद ही उनका नाम नए ट्रांसफर आदेश में आ गया। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें जहां चाहे वहां पदस्थ कर सकती है और वह सरकारी आदेशों का हमेशा सम्मान करती रही हैं, लेकिन बार-बार इतनी जल्दी तबादला होने से किसी अधिकारी के लिए प्रभावी ढंग से काम करना मुश्किल हो जाता है।

‘क्या कर्मचारी अधिकारी का ट्रांसफर करा सकते हैं?’

अपने संदेश में नेहा ने सबसे तीखा सवाल प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उठाया। उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी IAS अधिकारी के साथ काम करने वाले कर्मचारी ही उसके खिलाफ माहौल बनाकर उसका ट्रांसफर कराने में कामयाब हो जाएं, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था में क्या संदेश जाता है। उन्होंने दावा किया कि कुछ कर्मचारियों ने उनके सामने कथित तौर पर ट्रांसफर कराने की धमकी दी थी। उनके अनुसार, उन्होंने अनुशासनहीनता, फाइलें रोके जाने और कथित दुर्व्यवहार जैसी बातों की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई थी।

‘जब तक काम समझती हूं, तब तक पोस्टिंग बदल जाती है’

नेहा ने अपने संदेश में अपने लगातार छोटे कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी कई पोस्टिंग महज 2-3 महीने तक सीमित रह गईं। किसी नए पद पर पहुंचने के बाद अधिकारी को विभागीय कामकाज, कर्मचारियों और व्यवस्थाओं को समझने में समय लगता है। लेकिन अगर उससे पहले ही तबादला हो जाए तो अधिकारी से प्रभावी परिणाम की उम्मीद कैसे की जा सकती है? उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसी स्थिति से उनके मातहत कर्मचारियों में यह धारणा बन सकती है कि अधिकारी उनके हिसाब से काम नहीं करेगा तो उसका ट्रांसफर कराया जा सकता है।

‘Always conspirators win and I fail’

IAS अधिकारी ने कहा कि उन्होंने काफी समय तक चुप रहकर परिस्थितियों का सामना किया। उनके मुताबिक, उन्हें लंबे समय तक पर्याप्त काम नहीं दिया गया और वह उम्मीद करती रहीं कि हालात सुधरेंगे। लेकिन अब उन्होंने अपनी परेशानी सार्वजनिक रूप से सामने रखी है। अपने संदेश के अंत में उन्होंने लिखा, “Always conspirators win and I fail”। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि सिस्टम उन्हें विफल कर चुका है और आज अगर वह निशाने पर हैं तो भविष्य में कोई दूसरा IAS अधिकारी भी ऐसी स्थिति का सामना कर सकता है। नेहा के इस संदेश के सामने आने के बाद मध्य प्रदेश में IAS अधिकारियों की पोस्टिंग और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है।


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