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रायपुर / ETrendingIndia / बिहार चुनाव में तेजस्वी की घोषणा और एनडीए का विकास एजेंडा

बिहार विधानसभा चुनाव में सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। महागठबंधन और एनडीए दोनों ही मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने-अपने वादों और योजनाओं का पिटारा खोल चुके हैं।

तेजस्वी यादव ने किए कई कल्याणकारी वादे

महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी प्रसाद यादव ने पटना में घोषणा की कि यदि उनकी सरकार बनी तो पंचायती राज प्रतिनिधियों को 50 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाएगा। उन्होंने मुखिया, सरपंच और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय को दोगुना करने का भी ऐलान किया।
तेजस्वी ने कहा कि पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों के लिए पेंशन योजना शुरू की जाएगी। इसके अलावा, राशन वितरण प्रणाली (PDS) के डीलरों का कमीशन और मानदेय भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने नाई, कुम्हार और लोहार जैसे पारंपरिक कामगारों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया।

एनडीए ने विकास और डिजिटल बिहार पर दिया जोर

वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एनडीए की डबल इंजन सरकार ही बिहार को विकास के मार्ग पर आगे ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नए बिहार के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अमित शाह ने बताया कि एनडीए सरकार का लक्ष्य बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल डेटा हब बनाने का है। साथ ही, कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

विकास बनाम वादों की सियासी जंग

अमित शाह ने कहा कि बिहार की जनता झूठे वादों के जाल में नहीं फँसेगी। उन्होंने दावा किया कि एनडीए के पास बिहार के सर्वांगीण विकास का स्पष्ट रोडमैप है, जबकि आरजेडी और कांग्रेस केवल बयानबाज़ी कर रही हैं।
बिहार चुनाव में तेजस्वी की घोषणा और एनडीए का विकास एजेंडा — दोनों ही इस बार की सियासी जंग को और दिलचस्प बना रहे हैं।


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