Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / कांकेर में नक्सलियों का आत्मसमर्पण – शांति की ओर नया अध्याय छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 21 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 13 महिलाएं भी शामिल हैं। यह कदम राज्य में शांति बहाली और विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। हथियार सौंपे, हिंसा छोड़ विकास की राह पर लौटे आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने 18 हथियार, जिनमें 3 एके-47 राइफल, 4 एसएलआर और विस्फोटक सामग्री शामिल हैं, पुलिस को सौंप दिए। यह आत्मसमर्पण राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति – 2025 की सफलता का परिणाम है। बस्तर में कमजोर हो रहा माओवादी प्रभाव पुलिस सूत्रों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली लंबे समय से बस्तर संभाग के विभिन्न इलाकों में सक्रिय थे। लेकिन अब लगातार चल रहे विकास कार्यों और सुरक्षा बलों की जागरूकता मुहिम से कांकेर में नक्सलियों का आत्मसमर्पण तेजी से बढ़ रहा है। इससे माओवादी प्रभाव में कमी आई है। पुनर्वास नीति से मिल रहा नया जीवन राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं के तहत सहायता दी जाएगी। उन्हें रोज़गार, प्रशिक्षण और सामाजिक पुनर्स्थापन के अवसर मिलेंगे, जिससे वे मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकें। निष्कर्षतः – शांति और विकास की नई सुबह इस आत्मसमर्पण से यह स्पष्ट है कि बंदूक की राह अब खत्म हो रही है। कांकेर में नक्सलियों का आत्मसमर्पण यह दर्शाता है कि लोग अब शांति और प्रगति की राह चुन रहे हैं। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक नई शुरुआत है। Share This Article Post navigation प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में कहा- नगर निगम अंबिकापुर के प्लास्टिक कचरे के बदले भोजन देने वाली अनोखी पहल ‘गार्बेज कैफे’ को देशभर में मिली पहचान रानीदाह जलप्रपात : जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता और इतिहास का संगम