रायपुर, 26 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / बिहार में शराबबंदी पर सियासी बहस
बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस मुद्दे पर अब नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।
🗣️ प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
प्रशांत किशोर, जो जन सुराज पार्टी के संस्थापक हैं, ने दावा किया कि सरकार दुविधा में है कि चुनावी वादे के अनुसार शराबबंदी जारी रखे या राजस्व बढ़ाने के लिए इसे खत्म करे।
🏛️ सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले वोट पाने के लिए कर्ज लिया, जिससे राज्य का खजाना खाली हो गया है।
उनके मुताबिक, अब सरकार “पिछले दरवाजे” से शराबबंदी हटाकर राजस्व बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
राजस्व संकट बना बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि शराबबंदी से राज्य को भारी राजस्व नुकसान होता है, जबकि इसे लागू रखना सामाजिक दृष्टि से अहम माना जाता है। यही कारण है कि सरकार संतुलन बनाने की चुनौती का सामना कर रही है।
क्या बदलेगा कानून?
फिलहाल सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी से यह मुद्दा आने वाले समय में और गर्माने की संभावना है।
