Share This Article 1 नवंबर 2026 / ETrendingIndia / भारत की मेजबानी में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पहला बिम्सटेक समुद्री सुरक्षा अभ्यास शुरू हो गया है। 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस पांच दिवसीय अभ्यास में भारत सहित सात देश हिस्सा ले रहे हैं। इसका उद्देश्य बंगाल की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा मजबूत करना, सैन्य समन्वय बढ़ाना और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करना है। सात देशों की भागीदारी इस अभ्यास में भारत, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं। इसके जरिए सदस्य देश समुद्री सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से मिलकर निपटने की तैयारी करेंगे। दो चरणों में होगा अभ्यास अभ्यास में बंदरगाह और समुद्री गतिविधियों के दो चरण शामिल हैं। पहले चरण में पेशेवर चर्चाएं, अनुभवों का आदान-प्रदान और संयुक्त योजना बनाई जाएगी। दूसरे चरण में समुद्र में परिचालन समन्वय और आपसी कार्यक्षमता को परखा जाएगा। अंडमान-निकोबार का सामरिक महत्व इस आयोजन से अंडमान एवं निकोबार कमान की भूमिका भी महत्वपूर्ण हुई है। यह भारत की पहली एकीकृत त्रि-सेवा कमान है, जो समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव तथा आपदा राहत में अहम योगदान देती है। व्यापार और सुरक्षा को मिलेगी मजबूती बंगाल की खाड़ी दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच व्यापार, ऊर्जा और संपर्क का महत्वपूर्ण मार्ग है। अभ्यास का मूल मंत्र है- साझा समुद्र, साझा सुरक्षा और साझा समृद्धि। Share This Article Post navigation ₹6.16 करोड़ में खरीदे 40 विला-कॉटेज, सालाना ₹1.80 करोड़ किराया! IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल APO नवंबर में कम बारिश, ज्यादा गर्मी के आसार…! बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवात ‘मुरासु’ बनने की चेतावनी…