CAG Report 2026: Chhattisgarh's financial position is strong... but the debt burden has increased! 47% of new borrowing is spent on repaying old debt... major revelation in the CAG report.
CAG Report 2026
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रायपुर, 14 जुलाई 2026/ CAG Report 2026: Chhattisgarh’s financial position is strong… but the debt burden has increased! 47% of new borrowing is spent on repaying old debt… major revelation in the CAG report.

CAG Report 2026 : छत्तीसगढ़ विधानसभा में वर्ष 2024-25 की महालेखाकार (CAG) रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट के अनुसार राज्य की वित्तीय स्थिति संतोषजनक बनी हुई है और जीएसडीपी तथा राजस्व में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि बढ़ते कर्ज, ब्याज भुगतान, बजट प्रबंधन की कमियों और कई योजनाओं पर खर्च नहीं होने को लेकर गंभीर टिप्पणियां भी की गई हैं।

जीएसडीपी और राजस्व में मजबूत बढ़ोतरी

रिपोर्ट के मुताबिक राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) बढ़कर 5.67 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.89% अधिक है। वहीं कुल राजस्व प्राप्तियों में 16.21% और राज्य के अपने राजस्व में 15.30% की वृद्धि दर्ज की गई। केंद्र से मिलने वाले सहायता अनुदानों पर निर्भरता भी घटकर 11.86% रह गई।

1.45 लाख करोड़ का खर्च, राजस्व व्यय सबसे अधिक

वर्ष 2024-25 में राज्य का कुल व्यय 1.45 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें 88.53% हिस्सा राजस्व व्यय का रहा, जबकि 20,054.62 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय पर खर्च किए गए। ऊर्जा और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति क्षेत्र में सब्सिडी का बड़ा हिस्सा गया।

बढ़ा कर्ज, नए उधार का 47% पुराने कर्ज चुकाने में खर्च

कैग रिपोर्ट के अनुसार राज्य का लोक ऋण 33,463 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वर्ष 2024-25 में लिए गए नए ऋण का 47% हिस्सा पुराने कर्ज के भुगतान में खर्च हुआ, जबकि केवल 53% राशि विकास कार्यों के लिए उपलब्ध रही। राजस्व प्राप्तियों के मुकाबले ब्याज भुगतान बढ़कर 7.44% हो गया।

घाटा घटा, लेकिन बजट प्रबंधन पर सवाल

रिपोर्ट में कहा गया है कि लेखापरीक्षा के बाद राज्य का राजकोषीय घाटा GSDP का 4.48% रहा, जो पिछले वर्ष के 5.44% से कम है। कुल देनदारियां 15वें वित्त आयोग की निर्धारित सीमा के भीतर हैं।

हालांकि कैग ने यह भी बताया कि 25 नई योजनाओं के लिए 261.41 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान होने के बावजूद कोई खर्च नहीं किया गया। इसके अलावा छह विनियोगों में 1,538.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय हुआ, जिसके नियमितीकरण की जरूरत बताई गई है।

1.53 लाख करोड़ से अधिक देनदारियां

मार्च 2025 तक राज्य पर 1.53 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बजटीय देनदारियां और 4,776.57 करोड़ रुपये की ऑफ-बजट देनदारियां दर्ज की गईं। रिपोर्ट में सरकारी लेखांकन मानकों के कुछ प्रावधानों के पूर्ण पालन पर भी सवाल उठाए गए हैं।