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रायपुर 21 जनवरी 2026/ ETrendingIndia / TCS refund on car purchase: Know the rules, process and important things / कार TCS रिफंड नियम , अगर आप 10 लाख रुपये से अधिक कीमत की कार खरीदते हैं, तो आप सरकार द्वारा वसूले गए TCS (Tax Collected at Source) को वापस पा सकते हैं। यह कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है, बल्कि आपकी ओर से सरकार के पास जमा किया गया टैक्स होता है, जिसे सही प्रक्रिया अपनाकर रिफंड के रूप में प्राप्त किया जा सकता है।

TCS क्या है?

TCS वह कर है, जिसे विक्रेता (कार डीलर) बिक्री के समय खरीदार से वसूल करता है और सरकार के खाते में जमा करता है। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 206C के तहत 10 लाख रुपये से अधिक कीमत की कार पर 1% TCS लिया जाता है।

कितना रिफंड मिल सकता है?

रिफंड की राशि आपकी सालाना टैक्स देनदारी पर निर्भर करती है—

यदि आपकी कुल टैक्स देनदारी TCS से कम है, तो पूरा TCS रिफंड मिल सकता है।

उदाहरण के तौर पर, अगर आपने 15,000 रुपये TCS दिया और आपकी कुल टैक्स देनदारी 10,000 रुपये है, तो शेष 5,000 रुपये आपको रिफंड के रूप में मिलेंगे।

यदि आपकी टैक्स देनदारी अधिक है, तो TCS की राशि उसी में समायोजित कर दी जाती है।

जरूरी नियम

यह नियम केवल 10 लाख रुपये से अधिक की कार खरीद पर लागू होता है (GST सहित)।

यदि आप व्यवसायिक उद्देश्य से कार खरीद रहे हैं (जैसे ट्रेडिंग), तो कुछ मामलों में TCS से छूट मिल सकती है।

PAN नहीं होने या आधार से लिंक न होने पर TCS की दर बढ़कर 5% हो सकती है।

रिफंड पाने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

  1. कार खरीदते समय डीलर से TCS सर्टिफिकेट (Form 27D) जरूर लें।
  2. अपने Form 26AS में TCS एंट्री की जांच करें।
  3. Income Tax Return (ITR) फाइल करते समय TCS का विवरण सही-सही भरें।
  4. ITR प्रोसेस होने के बाद आमतौर पर 2–3 महीनों में रिफंड सीधे आपके बैंक खाते में जमा हो जाता है। निष्कर्ष

10 लाख रुपये से अधिक की कार खरीदते समय दिया गया TCS बोझ नहीं, बल्कि आपका टैक्स क्रेडिट है। सही दस्तावेज़ और समय पर ITR फाइलिंग के साथ आप इसे आसानी से वापस पा सकते हैं।