रायपुर,14 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / Towards Cities with Adequate Availability of Safe Water: ‘Catch the Rain’ campaign intensified across all cities in India. प्रधानमंत्री के “कैच द रेन – जहाँ वर्षा हो, जब वर्षा हो” अभियान की गति बनाए रखने के आह्वान के अनुरूप अमृत 2.0 अभियान के अंतर्गत भारत के सभी शहरों में जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण तथा जल निकायों के पुनर्जीवन को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस अभियान में 27 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के 900 शहरी स्थानीय निकायों ने सक्रिय भागीदारी की है।
जल शक्ति मंत्रालय (एमओजेएस) के साथ समन्वय करते हुए, 79 नगर निगमों में 1,99,278 भूजल पुनर्भरण संरचनाओं पर कार्य प्रारंभ किया गया है, जबकि 738 शहरी स्थानीय निकायों में 73,036 पुनर्भरण संरचनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम देश के विभिन्न शहरों में उल्लेखनीय एवं ठोस परिणाम दे रहा है।
बर्दवान (पश्चिम बंगाल) और विजयनगरम (आंध्र प्रदेश) में इंजेक्शन बोरवेल से युक्त पुनर्भरण गड्ढों के माध्यम से वर्षा जल को गहरे जलदायी स्तरों तक पहुँचाया जा रहा है।
ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) में भंडारण सुविधाओं सहित छत आधारित वर्षा जल संचयन प्रणालियाँ जल संरक्षण के साथ-साथ भूजल पुनर्भरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
वहीं, कोरबा (छत्तीसगढ़) और वारंगल (तेलंगाना) में मानसून से पूर्व ही पुनर्भरण संरचनाओं को संचालित कर दिया गया है।
इन पहलों के माध्यम से एमओएचयूए “कैच द रेन – जहाँ वर्षा हो, जब वर्षा हो” की कल्पना को साकार करने की दिशा में योगदान दे रहा है।
“आज बचाई गई हर बूंद, आने वाली पीढ़ियों की जल सुरक्षा में किया गया एक महत्वपूर्ण निवेश है।”
