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नई दिल्ली, 26 सितंबर 2026। CEC : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े हालिया विवाद के बीच विपक्षी दलों के बीच आपसी बातचीत तेज होती दिखाई दे रही है। सूत्रों के मुताबिक, CPM महासचिव एमए बेबी और TMC प्रमुख ममता बनर्जी के बीच शुक्रवार को फोन पर बातचीत हुई, जिसमें चुनाव आयोग से जुड़े घटनाक्रम और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। रिपोर्टों के अनुसार, ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों की बैठक जल्द बुलाने की जरूरत पर जोर दिया है।

एमए बेबी के पत्र के बाद हुई बातचीत

सूत्रों के अनुसार, एमए बेबी ने 23 सितंबर को विपक्षी दलों के नेताओं को पत्र भेजकर चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रणनीति बनाने का प्रस्ताव रखा था। इसमें इंडिया ब्लॉक के साथ अन्य विपक्षी दलों को भी एक मंच पर लाने की बात कही गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पत्र के बाद ममता बनर्जी से फोन पर बातचीत हुई और दोनों नेताओं ने आगे की राजनीतिक चर्चा पर विचार किया।

चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद का मुद्दा

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों को लेकर कथित आंतरिक मतभेद की खबरें सामने आई हैं। विपक्षी दलों ने इन रिपोर्टों के आधार पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग अपने निर्णयों और प्रक्रिया का बचाव करता रहा है।

भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, ज्ञानेश कुमार वर्तमान में मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें CEC के रूप में पदभार संभाला था।

अन्य विपक्षी दलों से भी संपर्क

रिपोर्टों के अनुसार, संयुक्त विपक्षी रणनीति को लेकर AAP, BJD, BRS और DMK समेत कई दलों से संपर्क किया गया है। टीवीके को भी चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर साथ आने के लिए पत्र भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले TMC ने संसद में CEC के खिलाफ प्रस्ताव से जुड़े प्रयासों में समर्थन की बात भी कही थी।

जगन मोहन रेड्डी ने नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव दिया

YSRCP प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की व्यवस्था में बदलाव की मांग की है। उनके प्रस्ताव के अनुसार नियुक्ति समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए। उन्होंने इस संबंध में कानून में संशोधन की मांग रखी है।

संयुक्त बैठक को लेकर बढ़ी राजनीतिक गतिविधि

ममता बनर्जी की ओर से विपक्षी दलों के बीच जल्द बैठक की जरूरत पर जोर दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। अब आगे यह देखना होगा कि अलग-अलग दल इस मुद्दे पर किस स्तर तक संयुक्त कार्यक्रम या रणनीति पर सहमत होते हैं। फिलहाल विपक्षी दलों के बीच बातचीत का केंद्र चुनाव आयोग, SIR प्रक्रिया और चुनावी सुधारों से जुड़े मुद्दे बने हुए हैं।


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