Share This Article कोलकाता, 22 सितंबर 2026। TMC : तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर जारी विवाद के बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को तीन पार्टी बैंक खातों के संचालन से जुड़ी अंतरिम व्यवस्था जारी रखने की अनुमति दी है। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने 9 जुलाई के अंतरिम आदेश को 29 जनवरी 2027 तक या अगले आदेश तक प्रभावी रखने का निर्देश दिया। विशेष अधिकारी की निगरानी में जारी रहेगा खातों का संचालन अदालत की पहले से तय व्यवस्था के तहत तीनों बैंक खातों का संचालन कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष अधिकारी की निगरानी में होगा। अधिकृत पदाधिकारियों में से दो लोगों के हस्ताक्षर वाले चेक को विशेष अधिकारी की जांच और मंजूरी के बाद बैंक में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। ये खाते एचडीएफसी बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा में हैं। चुनाव आयोग के आदेश का भी हुआ जिक्र सुनवाई के दौरान 17 सितंबर के चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश का उल्लेख हुआ। आयोग ने TMC के प्रतिद्वंद्वी गुटों को मूल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और पारंपरिक चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया है। इसके बाद दोनों गुटों को उपचुनाव के लिए अलग-अलग अंतरिम नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए गए हैं। ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चिह्न दिया गया है, जबकि दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चिह्न मिला है। हाईकोर्ट ने कहा- EC का अंतरिम आदेश अंतिम फैसला नहीं कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग का मौजूदा आदेश पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से संबंधित अंतरिम व्यवस्था है। इससे अदालत द्वारा पहले तय किए गए तीन बैंक खातों के संचालन की व्यवस्था स्वत: समाप्त नहीं होती। अदालत ने इसी आधार पर 9 जुलाई की अंतरिम व्यवस्था को जारी रखा। पार्टी के रोजमर्रा के खर्च का दिया गया हवाला सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से दलील दी गई कि चुनाव आयोग के आदेश के बाद बैंक खातों के संचालन की अनुमति पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। वहीं TMC की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शोएब आलम ने कहा कि आयोग का आदेश अंतिम निर्णय नहीं है और पार्टी के नियमित प्रशासनिक एवं संगठनात्मक खर्चों के लिए बैंक खातों का संचालन जरूरी है। अदालत ने फिलहाल पहले से लागू निगरानी व्यवस्था को बरकरार रखा है। दिसंबर में होगी अगली सुनवाई सुनवाई के दौरान विशेष अधिकारी की रिपोर्ट और पुलिस की रिपोर्ट भी अदालत के सामने रखी गई। अदालत ने विशेष अधिकारी की रिपोर्ट विरोधी पक्ष के साथ साझा करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई दिसंबर में होगी। साथ ही अदालत ने कहा है कि यदि इस बीच चुनाव आयोग की ओर से कोई नया निर्देश या अंतिम निर्णय आता है, तो उसे अदालत के संज्ञान में लाया जा सकता है। Share This Article Post navigation TMC में बड़ा बदलाव… ममता गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’, दूसरे गुट को ‘लिफाफा’, चुनाव आयोग ने दिए अलग नाम और सिंबल