CG CM Helpline 1076CG CM Helpline 1076
Share This Article

रायपुर, 30 अक्टूबर 2026। CG CM Helpline 1076 : छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान और सरकारी विभागों की जवाबदेही तय करने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अब सुशासन की महत्वपूर्ण डिजिटल पहल बनकर उभर रही है। इस टोल-फ्री नंबर के माध्यम से लोग घर बैठे बिजली, पानी, राशन, पेंशन, राजस्व और सरकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिकायतों को केवल पोर्टल पर बंद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिकों को वास्तविक और संतोषजनक समाधान मिलना चाहिए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हेल्पलाइन पर अब तक 2 लाख 45 हजार 376 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 2 लाख 10 हजार 649 का निराकरण किया जा चुका है।

24 घंटे चालू रहती है मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076

छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों के लिए टोल-फ्री सुविधा है। यह कॉल सेंटर सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे संचालित होता है। राज्य शासन के 49 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी इससे जुड़े हैं। हेल्पलाइन के माध्यम से 1195 श्रेणियों में शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण करने की व्यवस्था बनाई गई है। शिकायत दर्ज कराने के बाद नागरिक को एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है, जिसके जरिए उसकी शिकायत की स्थिति पर नजर रखी जा सकती है।

2.45 लाख शिकायतें दर्ज, 85.85 प्रतिशत का समाधान

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक कुल 2,45,376 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 2,10,649 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, जबकि 34,727 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है। इस तरह कुल प्राप्त शिकायतों में से 85.85 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। सरकार का प्रयास है कि लंबित शिकायतों का भी जल्द निराकरण हो और लोगों को अपनी समस्याओं के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

बिजली, राशन, पेंशन से लेकर जमीन के मामलों तक कर सकते हैं शिकायत

सीएम हेल्पलाइन 1076 पर आम नागरिक कई तरह की समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इनमें बिजली कटौती, खराब ट्रांसफार्मर, गलत बिजली बिल, जमीन का नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन में देरी, निवास और जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी परेशानी शामिल हैं। इसके अलावा थाने या तहसील में सुनवाई नहीं होने, राशन कार्ड, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पेयजल, सड़क और पेंशन से संबंधित समस्याओं की शिकायत भी की जा सकती है।

राशन कार्ड से पेंशन तक, शिकायतों पर हुए त्वरित समाधान

हेल्पलाइन के माध्यम से कई जिलों में लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया है। जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ क्षेत्र के ग्राम भवतरा निवासी देवेंद्र दिनकर की राशन कार्ड संबंधी शिकायत पर त्रुटि सुधारकर कार्ड दोबारा सक्रिय किया गया। कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल क्षेत्र में खराब सोलर पंप को कुछ ही घंटों में ठीक कराया गया। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में अवैध रेत और गिट्टी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आठ ट्रैक्टर जब्त किए गए।

इसी तरह महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र में खिरोद कुमार साव की इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी से जुड़ी लंबित समस्या का समाधान किया गया। जशपुर जिले के तपकरा में बुजुर्ग त्रिपुरारी शर्मा की बंद वृद्धावस्था पेंशन बहाल कराई गई। वहीं ओम प्रकाश की पेयजल संबंधी शिकायत पर नया मोटर स्थापित किया गया, जिससे 200 परिवारों को राहत मिली। सरगुजा जिले की 12वीं की छात्रा आराधना सिंह के आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधरने से उनकी उच्च शिक्षा की राह आसान हुई।

CM साय ने अधिकारियों को दी जवाबदेही की हिदायत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा करते हुए कहा है कि जनता को अपनी समस्याओं के लिए भटकना नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ शिकायतों का समाधान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जहां कमियां हैं वहां सुधार का अवसर मिलेगा और लगातार लापरवाही करने वालों की जवाबदेही तय होगी।

प्रशासन और जनता के बीच मजबूत कड़ी बनी हेल्पलाइन

सीएम हेल्पलाइन 1076 ने नागरिकों और सरकारी विभागों के बीच संवाद का एक डिजिटल माध्यम तैयार किया है। पहले छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी लोगों को कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब फोन के जरिए शिकायत दर्ज कराकर उसके समाधान की प्रक्रिया शुरू कराई जा सकती है। शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग से अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होती है। सरकार की यह पहल बुजुर्गों, किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


Share This Article