Share This Article रायपुर, 08 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (नई दिल्ली) के असिस्टेंट कमिश्नर (ऑयल पाम) श्री कृष्ण कांत दुबे ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान विभिन्न जिलों में ऑयल पाम की खेती, सीड नर्सरी और उससे जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने कृषकों और संबंधित संस्थाओं को वैज्ञानिक प्रबंधन, मृदा परीक्षण, नर्सरी प्रबंधन तथा किसानों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने दिशा-निर्देश दिए। दुर्ग जिले में प्रक्षेत्र भ्रमण दौरे के प्रथम दिन 6 अक्टूबर को श्री दुबे ने ग्राम कंदई (विकासखंड धमधा, जिला दुर्ग) के कृषक श्री पवन साहू के ऑयल पाम प्रक्षेत्र का जायजा लिया। कृषक द्वारा 7.45 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम का रोपण किया गया है, जिसमें इंटरक्रॉप के रूप में टमाटर, केला और फूलगोभी की फसलें ली जा रही हैं। एक वर्ष पुराने पौधों के बेहतर विकास को देखकर उन्होंने प्रसन्नता जताई और नियमित मृदा परीक्षण की सलाह दी। 3 एफ ऑयल पाम सीड नर्सरी का निरीक्षण श्री दुबे ने संस्था द्वारा स्थापित सीड नर्सरी का अवलोकन कर पौधों की संख्या, किस्मों और आयातित स्प्राउट्स की जानकारी ली। उन्होंने राज्य में अक्षय केंद्र खोलने के निर्देश दिए, जिससे किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर सभी प्रकार के उर्वरक आसानी से मिल सकें। साजा (बेमेतरा) महाविद्यालय प्रक्षेत्र का निरीक्षण कुमारी देवी चौबे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, साजा के प्रक्षेत्र का निरीक्षण करते हुए उन्होंने 2.0 हेक्टेयर में रोपे गए ऑयल पाम और गत वर्ष ली गई सरसों की फसल (10 क्विंटल उत्पादन) के प्रबंधन की सराहना की। भविष्य की योजनाएं उन्होंने ऑयल पाम की खेती को और अधिक बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए। किसानों को आवश्यक कृषि यंत्र और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध कराने हेतु कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी) की स्थापना, राज्य में गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सीड गार्डन का निर्माण किया जाए। इस दौरे से छत्तीसगढ़ में ऑयल पाम की खेती के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री की उपलब्धता और किसानों को बेहतर तकनीकी व संस्थागत सहयोग मिलने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। Share This Article Post navigation छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा मखाना उत्पादन… IGKV ने गांवों में देखी आधुनिक तकनीक फ्लोरीकल्चर : फूलों की खुशबू के साथ समृद्धि की राह पर कृषक घनश्याम साहू… गेंदा उत्पादन को बढ़ावा