Fuel Prices: Petrol to be cheaper by ₹5 and diesel by ₹3 starting July 1…! Major relief after two years… find out where the new prices apply.
Fuel Price
Share This Article

नई दिल्ली, 14 जून 2026/ Country with the Cheapest Petrol: Petrol at ₹3 per litre…! Fuel is selling cheaper than water in this country—find out how this miracle is possible.

Cheapest Petrol Country : भारत में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंचते ही बहस छिड़ जाती है, लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं जहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत एक कप चाय से भी कम है। जी हां, दुनिया के कुछ तेल उत्पादक देशों में पेट्रोल महज ₹3 से ₹5 प्रति लीटर में मिल रहा है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर वहां पेट्रोल इतना सस्ता कैसे है?

वैश्विक ईंधन मूल्य आंकड़ों के अनुसार लीबिया दुनिया का सबसे सस्ता पेट्रोल बेचने वाला देश बना हुआ है। यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत करीब ₹3 है। इसके बाद ईरान और वेनेजुएला का स्थान आता है, जहां पेट्रोल ₹3 से ₹5 प्रति लीटर के बीच उपलब्ध है।

दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल कहां मिलता है?

रैंकदेशकीमत (लगभग)
1लीबिया₹3 प्रति लीटर
2ईरान₹3-4 प्रति लीटर
3वेनेजुएला₹4-5 प्रति लीटर

भारत से कितनी कम है कीमत?

यदि भारत में औसत पेट्रोल कीमत ₹108 प्रति लीटर मानी जाए, तो-

  • लीबिया में पेट्रोल भारत से करीब 97% सस्ता है।
  • ईरान में कीमत भारत के मुकाबले लगभग 25 गुना कम है।
  • वेनेजुएला में भी पेट्रोल भारतीय कीमतों से कई गुना सस्ता है।

यानी भारत में एक लीटर पेट्रोल की कीमत में इन देशों में 20 से 30 लीटर तक पेट्रोल खरीदा जा सकता है।

आखिर इतना सस्ता क्यों है पेट्रोल?

विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे कई बड़े कारण हैं-

1. विशाल तेल भंडार

लीबिया, ईरान और वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल हैं। इनके पास अरबों बैरल कच्चे तेल का भंडार है।

2. घरेलू उत्पादन ज्यादा

इन देशों को बड़ी मात्रा में तेल आयात नहीं करना पड़ता। स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने से लागत कम रहती है।

3. भारी सरकारी सब्सिडी

सरकारें नागरिकों को सस्ता ईंधन उपलब्ध कराने के लिए पेट्रोल पर भारी सब्सिडी देती हैं।

4. कम टैक्स

भारत सहित कई देशों में पेट्रोल पर केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स का बड़ा हिस्सा होता है। जबकि इन देशों में टैक्स बेहद कम या नगण्य है।

5. ऊर्जा क्षेत्र पर सरकारी नियंत्रण

तेल और ईंधन क्षेत्र पर सरकार का सीधा नियंत्रण होने से कीमतें कृत्रिम रूप से कम रखी जाती हैं।

लेकिन सस्ता पेट्रोल हमेशा अच्छी खबर नहीं

विशेषज्ञ बताते हैं कि बहुत कम कीमत वाले देशों को अक्सर सब्सिडी का भारी वित्तीय बोझ उठाना पड़ता है। कई बार इससे सरकारी खजाने पर दबाव बढ़ता है और आर्थिक चुनौतियां भी पैदा होती हैं।

दूसरी तरफ सबसे महंगा पेट्रोल

जहां लीबिया में पेट्रोल ₹3 लीटर है, वहीं हांगकांग में इसकी कीमत करीब ₹396 प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है। यानी दुनिया में पेट्रोल की कीमतों का अंतर 100 गुना से भी ज्यादा है। स्पष्ट है कि पेट्रोल की कीमत सिर्फ कच्चे तेल पर नहीं, बल्कि टैक्स, सरकारी नीतियों, सब्सिडी और स्थानीय आर्थिक परिस्थितियों पर भी निर्भर करती है।