Chhattisgarh Employees Officials FederationChhattisgarh Employees Officials Federation
Share This Article

रायपुर, 28 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने शासकीय कर्मचारियों को 25 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण करने पर पूर्ण पेंशन का लाभ प्रदान करने की मांग की है। इस संबंध में फेडरेशन द्वारा माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को मांग-पत्र प्रेषित कर पेंशन नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाने का अनुरोध किया गया है।

फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में कर्मचारी लगभग 25 से 30 वर्ष की आयु में नियमित शासकीय सेवा में प्रवेश करते हैं। ऐसी स्थिति में लंबी अवधि तक शासकीय सेवा करने के बावजूद पूर्ण पेंशन के लिए अधिक अवधि की सेवा की अनिवार्यता होने से कर्मचारियों के पेंशन लाभ पर प्रभाव पड़ता है।

फेडरेशन ने केंद्र सरकार की पेंशन व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा को पेंशन लाभ की गणना में महत्वपूर्ण आधार माना गया है। फेडरेशन का कहना है कि इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी 25 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को पूर्ण पेंशन का लाभ देने पर विचार किया जाना चाहिए।

केंद्र एवं राज्य की पेंशन व्यवस्था में यथासंभव समानता की मांग

फेडरेशन ने कहा कि शासकीय कर्मचारियों की सेवा शर्तों एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों में केंद्र एवं राज्य की व्यवस्था में यथासंभव समानता होना आवश्यक है। सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पेंशन व्यवस्था में आवश्यक सुधार किया जाना कर्मचारी हित में महत्वपूर्ण कदम होगा।

फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि यह मांग किसी अतिरिक्त अथवा अनुचित लाभ के उद्देश्य से नहीं, बल्कि दीर्घकालीन शासकीय सेवा करने वाले कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा तथा सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

फेडरेशन की प्रमुख मांगें

फेडरेशन ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव से मांग की है कि—

25 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण करने वाले शासकीय कर्मचारियों को पूर्ण पेंशन का लाभ प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ पेंशन नियमों में आवश्यक संशोधन किया जाए।

इस संबंध में वित्त विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों की समिति गठित कर केंद्र सरकार के संबंधित प्रावधानों का अध्ययन कराया जाए।

वर्तमान एवं भविष्य के शासकीय कर्मचारियों को इसका लाभ प्रदान करने के लिए आवश्यक शासनादेश/नियम जारी किए जाएं।

पेंशन व्यवस्था में किसी प्रकार की विसंगति न रहे, इसके लिए यह व्यवस्था सभी विभागों एवं संवर्गों में समान रूप से लागू की जाए।

फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि राज्य के कर्मचारी लंबे समय तक शासन की विभिन्न योजनाओं एवं प्रशासनिक व्यवस्था के संचालन में अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता में होना चाहिए।

फेडरेशन ने विश्वास व्यक्त किया है कि राज्य शासन कर्मचारी हित एवं सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 25 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण करने पर पूर्ण पेंशन प्रदान करने की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगा।


Share This Article