रायपुर, 18 दिसम्बर 2025 / ETrendingIndia / CAG Report: Flaws in many schemes of Chhattisgarh / छत्तीसगढ़ CAG रिपोर्ट , भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने छत्तीसगढ़ में शहरी आवास, श्रमिक कल्याण और सौर पंप से जुड़ी योजनाओं के संचालन में कई गंभीर कमियां पाई हैं। यह जानकारी मार्च 2023 तक की अवधि के लिए तैयार प्रदर्शन एवं अनुपालन लेखा परीक्षा रिपोर्ट में सामने आई है, जिसे 17 दिसम्बर 2025 को छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रस्तुत किया गया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत लाभार्थियों के चयन और राशि के उपयोग में अनियमितताएं हुईं। कई ऐसे लोगों को आवास का लाभ दिया गया, जिनकी वार्षिक आय तय सीमा से अधिक थी। कुछ मामलों में जमीन के स्वामित्व की जांच किए बिना ही करोड़ों रुपये की सहायता राशि जारी कर दी गई। इसके अलावा, एक ही व्यक्ति द्वारा एक से अधिक आवास योजनाओं का लाभ लेने के मामले भी सामने आए।
आवास निर्माण में देरी के कारण बड़ी राशि लंबे समय तक खर्च नहीं हो सकी। महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से योजना बनाई गई थी, लेकिन केवल लगभग आधे आवास ही महिलाओं के नाम पर स्वीकृत हुए। निगरानी व्यवस्था भी कमजोर पाई गई, जिसमें जियो-टैगिंग और सामाजिक अंकेक्षण में देरी शामिल है।
श्रम विभाग की कल्याणकारी योजनाओं की जांच में यह पाया गया कि उपलब्ध धन का पूरा उपयोग नहीं हो सका और कई श्रमिक योजनाओं के दायरे से बाहर रह गए। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण ज्यादा होने के बावजूद राज्य के श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कम रहा। कुछ योजनाओं में वर्षों तक कोई खर्च नहीं किया गया, जबकि कुछ में भुगतान में देरी हुई।
सौर सुजला योजना के तहत लगाए गए सौर पंपों में भी खामियां पाई गईं। दिशा-निर्देशों के विपरीत महंगे पंप लगाए गए, जरूरी परीक्षण नहीं किए गए और ठेकेदारों के बिलों में श्रम उपकर की कटौती भी नहीं हुई।
सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि योजनाओं को सही ढंग से लागू करने के लिए मजबूत निगरानी, विभागों के बीच बेहतर तालमेल और नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग हो सके और योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे।
