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रायपुर / 26 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश और कई इलाकों में जलभराव-बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी कलेक्टरों को राहत-बचाव कार्य तेज करने और जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए 26 सितंबर को प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

बस्तर में बाढ़ का ज्यादा असर

बस्तर संभाग में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। बस्तर जिले में 9 राहत शिविरों में 350 से अधिक लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है।

नगरनार क्षेत्र में नदी बोड़ना के बाढ़ में फंसे करीब 40 लोगों और तोकापाल के घाट धनोरा से 25 परिवारों को सुरक्षित निकाला गया। प्रभावितों के लिए भोजन, पेयजल, ठहरने और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इंद्रावती का बढ़ा जलस्तर

लगातार बारिश से इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ा है। ओडिशा के खातीगुड़ा बांध के तीन और मुरान बांध के दो गेट खोलकर पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।

कई जिलों में बारिश का अलर्ट, ऑरेंज/येलो चेतावनी जारी

मौसम विभाग ने 26 सितंबर सुबह तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी है और ऑरेंज/येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पिछले 24 घंटे में जगदलपुर में 25 सेमी, लोहंडीगुड़ा 23 सेमी और बास्तानार 22 सेमी बारिश दर्ज हुई।

विशेषकर बस्तर के अनेक क्षेत्र तथा उड़ीसा तथा रायपुर को जोड़ने वाला एनएच 30 भी
इस जलभराव से प्रभावित हुए हैं और सड़क मार्ग से आवागमन प्रभावित हुआ है.

निचली बस्तियों में जलभराव

प्रदेश के विभिन्न शहरों और क्षेत्रों की निचली बस्तियों में जलभराव की अनेक शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन इन समस्याओं को दूर करने तथा जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए प्रयास कर रहा है। अनेक घरों में रतजगा की स्थिति भी आई है.

CM की अपील—सावधानी सबसे जरूरी

मुख्यमंत्री ने नदी-नालों, जलप्रपातों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार नहीं करने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। पेड़ों के नीचे खड़े न हों और गिरे बिजली तारों से दूर रहें।

आपात स्थिति में डायल करें 112

आपात स्थिति में डायल 112 या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। किसानों को कटी फसल खुले में न रखने और खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।

27 सितंबर से बारिश की तीव्रता और विस्तार में कमी आने की संभावना जताई गई है।


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