Makhana productionMakhana production
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रायपुर, 07 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / भारत सरकार के कृषि मंत्रालय की राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के तहत संचालित मखाना विकास योजना को छत्तीसगढ़ में बढ़ावा देने की दिशा में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) ने पहल तेज कर दी है।

6 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की टीम ने आरंग विकासखंड के लिंगाडीह, छटेरा और निसदा गांवों में मखाना प्रदर्शन एवं बीज उत्पादन प्रक्षेत्रों का भ्रमण किया।

गैर-रासायनिक उत्पादन तकनीक का अवलोकन

संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम ने TCBT पद्धति से गैर-रासायनिक मखाना उत्पादन, विभिन्न उत्पादन तकनीकों और बीजों के संधारण एवं संरक्षण की विधियों का अवलोकन किया.

बायोगैस से पैकेजिंग तक पर फोकस

भ्रमण के दौरान किसानों की ऊर्जा जरूरतों के लिए पोर्टेबल बायोगैस संयंत्र, मखाना पैकेजिंग यूनिट और मूल्य संवर्धन इकाई का भी अवलोकन किया गया। इससे मखाना उत्पादन के साथ प्रसंस्करण और बेहतर बाजार मूल्य की संभावनाओं पर जोर दिया गया।

बिहार और छत्तीसगढ़ की तकनीकों पर चर्चा

बिहार से मखाना प्रसंस्करण के लिए आए श्री उमेश साहनी से मखाना उत्पादन की दोनों राज्यों की पद्धतियों, गुणवत्ता और प्रसंस्करण में आने वाली चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

इस दौरान विभागाध्यक्ष एवं नोडल अधिकारी डॉ. घनश्याम दास साहू, समन्वयक डॉ. गजेंद्र चंद्राकर, विषय वस्तु विशेषज्ञ मनोज साहू सहित स्थानीय किसान मौजूद रहे।

योजना से छत्तीसगढ़ में मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को छत्तीसगढ़ में नई दिशा मिलने की उम्मीद है।


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