Share This Article रायपुर, 6 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / उत्पादक क्षेत्रों में प्रतिकूल मौसम और सूखे के चलते छोटी इलायची की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचा है, जिसका सीधा असर अब थोक व खुदरा बाजार की कीमतों पर दिखने लगा है। आपूर्ति संकट गहराने से बीते महज तीन हफ्तों के भीतर छोटी इलायची की कीमतों में करीब 300 रुपए प्रति किलो का जोरदार उछाल दर्ज किया गया है। स्थानीय किराना एवं ड्राई फ्रूट मार्केट में प्रीमियम क्वालिटी जगरतन ब्रांड छोटी इलायची (8.5 एमएम) के भाव 4300 से 4400 रुपए प्रति किलो के मजबूत स्तर पर बोले जा रहे हैं। व्यापारिक जानकारों के मुताबिक, प्रमुख इलायची उत्पादक क्षेत्रों में मानसून की बेरुखी और सूखे के कारण पौधों में पर्याप्त फलियां विकसित नहीं हो सकीं। इस वजह से चालू सीजन में कुल उत्पादन में भारी गिरावट का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, नीलामी केन्द्रों पर नई इलायची की आवक 15 अगस्त से शुरू हो चुकी है, लेकिन मांग के मुकाबले आपूर्ति बेहद सीमित बनी हुई है। नीलामी केन्द्रों पर नई खेप पहुंचते ही हाथों-हाथ बिक रही है। त्योहारी सीजन के चलते घरेलू खपत और वैश्विक स्तर पर निर्यात मांग में तेज इजाफा हुआ है, जबकि मंडियों में आवक सामान्य के मुकाबले घटकर आधी रह गई है। वैश्विक मोर्चे पर भी राहत के संकेत नहीं हैं। दुनिया के प्रमुख इलायची उत्पादक देश ग्वाटेमाला से भी इस वर्ष कम पैदावार की खबरें सामने आ रही हैं, जहां नई फसल की आवक जनवरी में शुरू होती है। मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते इस असंतुलन को देखते हुए बाजार विश्लेषक आने वाले दिनों में इलायची की कीमतों में और तेजी की संभावना जता रहे हैं। Share This Article Post navigation भारत में सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री 31.8 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 25 लाख इकाई के पार: फाडा