Share This Article रायपुर, 05 सितंबर/ ETrendingIndia / मानसून की लगातार बारिश का असर कम होते ही कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की खदानों में उत्पादन और कोयले की आपूर्ति में तेजी आने लगी है। सितंबर की शुरुआत में दैनिक उत्पादन करीब 1.36 मिलियन टन था, जो 4 सितंबर को बढ़कर लगभग 1.7 मिलियन टन हो गया। आने वाले दिनों में इसमें और सुधार की उम्मीद है। 5 महीने में 322.90 MT आपूर्ति अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान CIL ने 322.90 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति की, जो पिछले साल की समान अवधि के 302.60 MT से 6.70% अधिक है। बिजली क्षेत्र को भी ज्यादा कोयला अगस्त 2026 में बिजली क्षेत्र को 48.46 मिलियन टन कोयला मिला, जो अगस्त 2025 की तुलना में 4.5% अधिक है। सितंबर में भी दैनिक आपूर्ति 1.35 MT से बढ़कर 4 सितंबर को करीब 1.5 MT हो गई। खदानों में बढ़ी रफ्तार बारिश कम होने से गीली और चिपचिपी कोयला परतें सूख रही हैं। पानी में डूबी खदानों से पंपिंग बढ़ाकर कोयला निकाला जा रहा है और आंतरिक सड़कों की मरम्मत तेज की गई है। सड़क से भी बढ़ाई जाएगी सप्लाई बिजली संयंत्रों को जरूरत के अनुसार मौजूदा रेल व्यवस्था के साथ सड़क मार्ग से भी अतिरिक्त कोयला उठाने की सुविधा दी जा रही है। CIL के पास खदानों में करीब 76 MT कोयला भंडार और 46 MT खनन के लिए तैयार कोयला मौजूद है। सितंबर में उत्पादन बढ़ने के संकेत ओवरबर्डन रिमूवल (OBR) भी सितंबर के पहले तीन दिनों के औसत 2.5 मिलियन घन मीटर प्रतिदिन से बढ़कर 4 सितंबर को 4.1 मिलियन घन मीटर हो गया। इससे आगे उत्पादन और आपूर्ति में तेजी की उम्मीद बढ़ी है। CIL का फोकस अब खदानों को पूरी परिचालन क्षमता पर लाने और बिजली क्षेत्र समेत अन्य उपभोक्ताओं तक कोयले की तेज निकासी पर है। Share This Article Post navigation UK से लौटे हर्षित गोधा ने एवोकाडो में देखा बड़ा मौका, ₹50 लाख से शुरू किया सफर और खड़ा किया ₹1 करोड़ का बिजनेस नई Maruti Baleno Facelift लॉन्च : नया इंजन, ADAS समेत कई बड़े अपडेट…