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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय वेटलिफ्टरों को केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

भारत ने वेटलिफ्टिंग में 8 पदक (1 स्वर्ण, 6 रजत और 1 कांस्य) जीतकर इतिहास रचा. खिलाड़ियों ने कई नए रिकॉर्ड बनाए और कई ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया।

पदक विजेताओं को मिला बड़ा सम्मान

स्वर्ण पदक विजेताओं को 30 लाख रुपये।

रजत पदक विजेताओं को 20 लाख रुपये।

कांस्य पदक विजेताओं को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।

भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन

11 भार वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कुल 8 पदक जीतकर अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। कई कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज हुए।

मीराबाई चानू ने रचा इतिहास

ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय वेटलिफ्टर बनीं।

ऋषिकांत सिंह और वल्लुरी अजय बाबू ने स्नैच में नए कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाए।

‘खेलो इंडिया’ की सफलता की मिसाल

11 में से 6 खिलाड़ी ‘खेलो इंडिया’ से जुड़े रहे।

कई पदक विजेता भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में प्रशिक्षण लेते हैं।

कोचों की भूमिका को मिला सम्मान

डॉ. मांडविया ने कहा कि चैंपियन बनाने में कोच की भूमिका सबसे अहम होती है और खिलाड़ियों की सफलता का बड़ा श्रेय उनके प्रशिक्षकों को जाता है।

युवाओं को खेल अपनाने का संदेश

खिलाड़ियों से स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवाओं को खेलों के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की संघर्ष गाथा लाखों बच्चों को बड़े सपने देखने की प्रेरणा दे सकती है।

एशियन गेम्स 2026 पर नजर

खिलाड़ियों से आगामी एशियन गेम्स 2026 की तैयारियों पर चर्चा की गई।

पदक से चूकने वाले खिलाड़ियों का भी उत्साह बढ़ाते हुए मंत्री ने कहा कि मेहनत जारी रखें, सफलता जरूर मिलेगी।