Cyber ​​Fraud: Central Government's major campaign against cyber fraud...! Over 8.8 million suspicious mobile connections deactivated... More than 1.1 million complaints received via 'Sanchar Saathi'.
Cyber ​​Fraud
Share This Article

रायपुर, 24 जुलाई 2026/ Cyber ​​Fraud: Central Government’s major campaign against cyber fraud…! Over 8.8 million suspicious mobile connections deactivated… More than 1.1 million complaints received via ‘Sanchar Saathi’.

Cyber Fraud : देश में बढ़ते साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी है। दूरसंचार विभाग ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बड़े आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित तकनीकों का उपयोग करते हुए लाखों संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें बंद किया है।

विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने के लिए डिजिटल मंच भी विकसित किया गया है।
केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने गुरुवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

राज्य मंत्री ने बताया कि दूरसंचार विभाग ने एएसटीआर (कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं बड़े आंकड़ा विश्लेषण उपकरण) विकसित किया है, जो संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों की पहचान करता है। इस प्रणाली के माध्यम से चिन्हित कनेक्शनों का पुन: सत्यापन कराया जाता है।

‘ चक्षु’ सुविधा : संदिग्ध धोखाधड़ी वाले संदेशों की शिकायत दर्ज

दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित संचार साथी पोर्टल की ‘चक्षु’ सुविधा नागरिकों को संदिग्ध धोखाधड़ी वाले संदेशों की शिकायत दर्ज कराने की सुविधा प्रदान करती है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक शिकायत पर अलग-अलग कार्रवाई करने के बजाय इन शिकायतों से प्राप्त सामूहिक आंकड़ों का विश्लेषण किया जाता है, जिससे दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

15 जुलाई 2026 तक नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई 11.18 लाख संदिग्ध संदेशों की शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर 50.90 लाख मोबाइल कनेक्शन बंद किए जा चुके हैं।

राज्य मंत्री ने बताया कि भारत सरकार के कार्य आवंटन नियम, 1961 के अनुसार साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय के पास है, जबकि संविधान के अनुसार पुलिस और कानून-व्यवस्था राज्य सरकारों के विषय हैं।

इसके बावजूद दूरसंचार विभाग ने साइबर अपराधों और वित्तीय धोखाधड़ी में दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) विकसित किया है।

इसके माध्यम से गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) सहित विभिन्न एजेंसियों के बीच दो-तरफा सूचना साझा की जा रही है।

डॉ. पेम्मासानी ने बताया कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने भी अपनी विनियमित संस्थाओं को डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से जुडऩे की सलाह दी है।

दूरसंचार विभाग ने इस संबंध में विभिन्न प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए हैं और अब तक 50 से अधिक सेबी विनियमित संस्थाएं इस मंच से जुड़ चुकी हैं।